ट्यूशन टीचर ने अकेले में लंड चूसा और मिला चुदाई का मजा
एक नए कंप्यूटर शिक्षक ने स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। धीरे-धीरे उसकी नजर मेरी तरफ हो गई। एक दिन वह बाहाने से कम्प्यूटर पर कुछ चलवाने लगी। मेरे अंदर डर था, पर कुछ बोल नहीं पाया। जब झलक गई छवि, तो उसकी सांस थम सी गई। मेरी ओर घूरते हुए उसकी आंखें चमक उठीं।.
दोस्तो,
एक नयी कहानी मैं लिखकर लाया हूँ, आज।.
लिखा है मैंने वो सब कुछ, जो कंप्यूटर की शिक्षिका के साथ हुआ था।.
उस वक्त की बात है, स्कूल के दिन थे।.
कभी-कभी कंप्यूटर सीखने का वक्त भी आ जाता था।.
मेरी ज़िम्मेदारी थी कंप्यूटर कक्षा पर नज़र रखने की।.
एक वक्त में, कंप्यूटर पढ़ाने का काम राकेश कुमार सर के हाथों में हुआ करता था।.
जब सर का ट्रान्सफर हो गया, कंप्यूटर क्लास में पढ़ाई बंद हो गई।.
थोड़े दिन बाद एक महिला हमारे स्कूल में कंप्यूटर पढ़ाने आई।.
उसके नाम में भी वही आग थी, जो उसके शरीर की लय में झलकती थी।.
खुशबू नाम की मेम हुआ करती थी।.
जब मेम पहली बार कक्षा में दिखीं, तो हर एक छात्र से बातचीत शुरू कर दी। नाम पूछना उनका पहला कदम था।.
मेम उस दिन कक्षा में बैठी रही, पर कोई पाठ नहीं हुआ।.
अगले दिन जब मैडम कक्षा में दाखिल हुईं, तो उन्हें पता चला कि मैं यहाँ का मॉनीटर हूँ। फिर वे मेरे बारे में जानने लगीं।.
फिर मैंने खुद को समझाया, धीरे से जोड़ा - देखिए, यह कंप्यूटर कक्षा की निगरानी मेरी ही ज़िम्मेदारी है।!
थोड़ी सी मुस्कान लिए मैडम बोलीं - अब काम सरल हो गया।.
थोड़ा सा आश्चर्य हुआ मेरे मन में, कि वह मेम कैसे बन पाए।?
फिर उसने कहा - बच्चों के नाम लिखवा देना, जो कंप्यूटर क्लास में आते हैं। साथ ही, कुछ जानकारी भी दे देना कि कंप्यटर कैसे काम करते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि यहाँ के सभी मशीनें पुराने ढंग की हैं।.
ठीक है मैडम, मैं कंप्यूटर ठीक करना भी सीख चुका हूँ।.
खबर सुनते ही मेम के चेहरे पर खुशी आ गई।.
एक बात साफ है – मैडम की खूबसूरती ऐसी थी, जैसे उनके नाम की खुशबू हवा में घुल रही हो।.
उसका आकार 34-30-36 था। हर लड़के की नजर ठहर गई।.
एक दिन हम सब आपस में बातों-बातों में Xxx शिक्षिका के बारे में चर्चा करने लगे। वैसे वो काफी आकर्षक हैं, यह बात धीरे-धीरे सबके जहन में घर कर गई।.
एक सुबह, कई हफ़्तों के बाद, मेम ने मेरी तरफ़ इशारा किया। उसने पूछा - क्या तुम किसी ख़राब कंप्यूटर को सुधार सकते हो?
बोला - जी मैडम, ये मैं कर पाऊँगा।.
फिर वो मेरा हाथ थाम कर मुझे उस कंप्यूटर के पास ले चलीं जिसमें समस्या थी।.
उनके हाथ सम्भालते ही ऐसा जैसो बिजली का झटका मेरे शरीर में दौड़ गया।.
खोला जब मैंने कंप्यूटर, तभी कुछ ऐसा हुआ कि मैडम शर्मा चली गई।.
कंप्यूटर में वही चल रहा था जिसे देखकर हमने आँखें तुरंत फेर ली। बारहवीं के छात्रों ने पहले ही स्क्रीन पर एक अश्लील फिल्म शुरू कर दी थी।.
कंप्यूटर जैसे ही चल पड़ा, फिल्म शुरू हो गई।.
उस वक्त मैंने पाया कि कंप्यूटर में कोई खराबी नहीं थी। फिर मैंने महिला शिक्षिका की ओर देखते हुए कहा, जी मैडम, सब कुछ सही चल रहा है।!
फिर भी, उसने बताया - जाँच करने पर वो समय में चल ही नहीं रहा था।.
एक बात ने सचमुच हैरान कर दिया, जब पता चला कि कंप्यूटर वाले को मेम चलाने में भी दिक्कत आई।.
एकदम अनजाने में दिमाग में बात आई - शायद ये पूरा फिल्मी झगड़ा मेम ने ही छेड़ा हो।.
जैसे ही ख़्याल आया, वो दृश्य तुरंत आँखों के सामने था।.
खड़ी थीं मेरे पास, ढलान लिए कमर जैसे कह रही हो कुछ।.
उसे देखकर मैंने कहा – ठीक है, अब एक बार डिवाइस बंद कर फिर से चालू करके जाँच लीजिए।.
मेम जब कंप्यूटर की ओर झुकीं, तभी मेरी नजर उनकी छाती पर ठहर गई।.
अरे भाई, सच कहूँ तो उस मेम ने इतना उकसाया कि मन लग गया। होठ सूख गए, सांस अटकी सी लगी। जैसे कोई आग लगा दे अंदर। पलकें झपकते ही ख्याल आया - वहीं फैला दूँ उसे।!
लंबा होकर खड़ा हुआ मेरा लंड, संभवत: मैडम की नजर पड़ चुकी थी।.
उनकी नज़र पड़ी मेरे बच्चे पर, फिर मुस्कान आ गई।.
थोड़ा-थोड़ा अहसास हो रहा था मुझे, कि मेम किसी खास मूड में हैं।.
उसने कंप्यूटर में जाँच पूरी की। फिर सीधे खड़े हो गई। आखें मिलाकर बोली - अच्छा बेटा, धन्यवाद… बाद में तुझे पता चल जाएगा!
बस इतना हुआ - मैंने कहा, आपका स्वागत है मेम।!
हँसते हुए वो चल दी।.
फिर हम दोनों कंप्यूटर के पास से दूर हट लिए। मेम स्टाफ रूम की ओर बढ़ गईं।.
दो दिन के बाद मैडम ने एकाएक घर पर बुला लिया।.
साड़ी उस दिन लाल थी, मैडम ने पहनी हुई।.
जैसे ही मैंने उन्हें देखा, मेरा लंड सीधा हो गया।.
फिर अचानक मैडम ने एक बात कही, जिसने मेरा दिमाग सुन्न कर दिया।.
थोड़ा ठहरो न… इतनी जल्दबाज़ी किस बात की? कुछ पल और तो बीतेंगे ही। अभी घबराहट छोड़कर सामने झाँको!
वो बोलते हुए मुस्कान लिए, फिर धीरे से कमरे की ओर बढ़ गईं, पीछे से झूमती हुई।.
खड़े-खड़े मुझे ऐसा लगा, जैसे पैरों के सहारे भी कुछ नहीं।.
तभी दिमाग में बल्ब जला, समझ आया कि मेम आज चूत देने की बात कर रही है।.
अब तो मैं हुए बिना सोचे-समझे सीधा उनके पीछे-पीछे कमरे में घुस गया।.
एक झलक में पता चल गया, कमरे में बसा था प्यार का माहौल।.
क्या बात है मेम, इतनी सजधज क्यों? मुझे समझ नहीं आया।?
मेम – तुम्हारे लिए ही। मैं सब कुछ जानती हूँ, वो भी तुम्हारे ख्याल जो मेरे बारे में रखते हो। अब और देर नहीं करनी। आज, तुम्हारे पास रहकर सेक्स करने का मन है मेरा… क्या तुम ऐसा करोगे?
तब मैंने भी सहमति जता दी।.
शब्द उनके मुँह से निकले - मुझे पता था, तुम हर हाल में मेरे साथ खड़े रहोगे।.
बस इतना कहकर वो मेरे होंठों पर झुक पड़ीं, मैंने भी धीमे से जवाब दिया।.
वो होंठ जितने नरम थे, उतने ही प्यारे लगे। साँस भी रुक गई जब मैंने छुआ उन्हें।.
मेम ने फिर से कदम बढ़ाए। टी-शर्ट मेरे ऊपर से उतार ली गई। होंठों का स्पर्श धीरे-धीरे त्वचा पर फैलने लगा।.
शुरू में हक्का-बक्का रह गया, फिर धीरे-धीरे उसकी ब्रा खोल दी। अगले ही पल उसके स्तनों पर झपट गया।.
वो दूध कितना स्वादिष्ट था भई… मेम की बात छोड़ो, हूरों को भी पछाड़ देती थी वो।!
हम धीरे से उसके स्तन चूसने लगे, फिर बिना कुछ कहे ही दोनों 69 में पहुँच गए। अब हमारे मुँह एक-दूसरे के जननांगों पर थे।.
दोनों को एक साथ ऐसा महसूस हुआ कि शरीर से छोटे-छोटे स्वर बाहर आने लगे - आह, मम्म, उम्म, अया।.
इतने में पैंतीस साल की उम्र में भी खुद को नास्ते की मेज़ पर छिपते हुए याद आया।.
गिरते-गिरते वो मेरे होंठों तक पहुँच गईं, मैं भी उनकी सांस के पास।.
थोड़ी देर में जब मेरा लंड फिर से ऊपर उठने लगा, तो मेम ने कहा - इतना न घुमाओ मुझे… अब चढ़ जाओ यार।!
मैं तुरंत उनके ऊपर आ गया, पोज सेट किया। लंड को धीरे से चूत के अंदर घुसाया।.
उस पल वह हिली, मैंने तुरंत मजबूत धक्का दियa।.
लंड अचानक भीतर घुसा। वह हिल उठी, चीख पड़ी - “आह, मैं मर गई!”.
मेम ने कराहते हुए कहा - आह… इतनी जल्दबाज़ी मत करो।!
एकदम अचानक मैंने फिर से धक्का दिया, तब उनकी आँखों में पानी भर आया।.
अब वह बकने लगी - आह, हे भोसड़ेवाले… तूने मेरी गधा पूरा फाड़ दिया… आह, अरे ठहर जा तेरी माँ के पट्टे!
लेकिन अब मैं आगे बढ़ने को तय कर चुका था।.
मैं सिर्फ मेम की गांड में धुनता रहा।.
थोड़ी देर बाद मैडम के चेहरे पर मुस्कान आ गई।.
फिर वो भी मेरे साथ हो गईं, और फिर हम दोनों के बीच जोरदार प्रक्रिया शुरू हो गई।.
25 मिनट के भीतर तीन बार सब कुछ ढह गया, शरीर जमने लगा।.
हर कोने में सिसकियों की गूँज थी।.
मेम ने मुझे चूमते हुए कहा – आज वाकई बहुत अच्छा लगा, प्यार। इतनी देर तक तो मेरा बॉयफ्रेंड भी नहीं कर पाता, जितना तुमने आज किया। अब सोचो, पूरी रात तुम्हारे चलते नींद नहीं आएगी।.
इतना सुनकर उनकी हंसी छूट गई।.
काफी देर बाद मैं भी उस कगार पर पहुँच गया, जहाँ से वापसी नहीं होती। महिला के अंदर ही सब कुछ खत्म हो गया।.
मैडम बोल पड़ीं - अरे, ऐसा क्यों कर डाला? भीतर ही सब कहाँ छूट गया?
बोला था मैंने - माफ़ कीजिएगा, उत्साह में याद नहीं रख पाया।.
उन्होंने कहा - कोई बात नहीं, दवा मैं खुद ही ले लूँगी।.
मैं उसके साथ गले मिल पड़ा, थोड़ी देर तक ऐसे ही रहा। फिर मौका मिलते ही मेम को जमकर चढ़ाया। इसके बाद सीधे अपने घर की ओर निकल पड़ा।.
अगली सुबह, बातचीत के बीच में ही विचार आया। उसकी नज़रों ने सहमति जताई। कोई शब्द नहीं थे, बस एक समझ। धूप अभी पूरी नहीं चढ़ी थी।.
बात आई थी, फिर हम दोनों ने साथ में भूमिका निभाई।.
सनी लियोनि के नाम से मेम बनी थीं, तब मैं डॉक्टर बना था।.
लगभग दो घंटे तक मैंने Xxx शिक्षिका के साथ संबंध बनाए। फिर मस्ती करते हुए वापस घर लौट आया।.
हर बार जब मैडम को शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा होती है, तो मेरा नाम पुकार लिया जाता है।.
आज भी हम दोनों सेक्स करते हैं, वहीं मैडम की शादी हो चुकी है।.
एक दिन मैं मेम के साथ व्यवहार कर रहा था। तभी मुझे लगा कि अब तो बस इतना ही चाहिए - उनके पति के सामने ऐसा करना।!
हँसते हुए मेम बोलीं - ये आदमी मुझे जान से मार देगा क्या!
थोड़ा समय रुको… मेरे हिस्से में एक तरीका है!
उन्होंने पूछा - आगे क्या सोचा है?
मैंने कहा कि तुम अपने पति के साथ फिल्म देखते हुए सेक्स करती रहती हो। धीरे-धीरे वो भी ऐसी फिल्में देखकर उत्साहित होने लगे। इसके बाद तुम्हें एक ऐसी वीडियो दिखानी चाहिए जहाँ तीन लोग हों। मज़ा तब बढ़ जाएगा।.
थोड़ी देर बाद मेम ने समझ लिया, फिर वो तैयार हो गई। मैंने जब तीन लोगों वाले सेक्स वीडियो की बात की, उसके बाद सब साफ हो गया।.
हर बार जब मैडम मुझे पति के साथ बिस्तर में खेलने बुलाएंगी, तब मैं आपको वो सब कुछ सुनाऊँगा जो उनके साथ हुआ।.
अगर तुम्हें वो कहानी पसंद आई है, जिसमें गर्म अध्यापिका Xxx के साथ मेरा रोमांचक पल था, तो कमेंट में ज़रूर बताना।.
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