Mainne apane baayolojee ke teechar ko choda

Dec 26, 2025 - 20:23
Dec 26, 2025 - 20:31
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Mainne apane baayolojee ke teechar ko choda

यह गे टीचर सेक्स कहानी मेरे बायोलॉजी टीचर की गांड मारने की है. बहुत पहले से ही उनके ऊपर मेरी नजर थी क्योंकि वे बहुत चिकने गोरे और हैंडसम थे. उनकी गांड जबरदस्त थी.

हाय  मेरा नाम कौस्तव है. अभी मैं 24 साल का हूँ.
ये गे टीचर सेक्स कहानी मेरे और मेरे टीचर के बीच हुई कुछ मादक घटनाओं की है.

उस वक्त मैं बारहवीं क्लास में पढ़ता था. मुझे बहुत पहले से ही साइंस में इंटरेस्ट था, तो इसलिए मैंने साइंस विषय लिया हुआ था.

बायोलॉजी के लिए मैं एक भैया से ट्यूशन लेता था जो मेरे घर आकर मुझे पढ़ाते थे.
उन भैया का घर भी मेरे घर से बहुत नजदीक था.
उस समय भैया ग्रेजुएशन कर रहे थे.

भैया मुझे हफ्ते में सिर्फ 2 दिन पढ़ाने शाम को आते थे.
भैया बहुत ही हैंडसम थे, वे जिम करते थे इसलिए उनकी बॉडी भी काफी अच्छी थी.
उनके मसल्स मुझे बहुत पसंद थे.
भैया का रंग भी एकदम गोरा था और लम्बाई भी काफी मस्त थी.

सबसे ज्यादा भैया की जांघें और गांड मुझे बहुत अच्छी लगती थीं.
न जाने क्यों मुझे हमेशा भैया की गांड मारने की इच्छा होती थी पर मैं उन्हें कभी बोल नहीं पाया.

एक दिन मौका आया.
भैया मुझे बायो का एक चैप्टर पढ़ा रहे थे.
उसमें पुरुष जननतंत्र के बारे में लिखा था.
उन्होंने मुझे वह पढ़ाना स्टार्ट किया.

जो पाठक बायोलॉजी पढ़े हैं, उन्हें ये चैप्टर के बारे में सब पता ही होगा.
अब इस विषय को पढ़ाते पढ़ाते भैया का लंड बार-बार मोटा हो रहा था, इसलिए भैया बार-बार उसे अपने हाथ से ढक रहे थे.

उनकी यह हरकत मुझे भी समझ आ रही थी.
इधर मैं भी जननांग के बारे में जानकर बहुत गर्म हो रहा था.

मेरा भी लंड खड़ा हो गया था, मैं भी हाथ से किसी तरह अपने लौड़े को ढके हुए था.
भैया भी ये बात समझ रहे थे.

मतलब उस वक्त हम दोनों ही बहुत गर्म हो रहे थे.

भैया बहुत ज्यादा असहज महसूस कर रहे थे. वैसे तो हम दोनों हर वक्त मजाक करते थे.
मैं भैया से सेक्स के बारे में तरह-तरह के सवाल करता रहता था.

भैया भी खुल कर मेरे हर प्रश्न का जवाब देते थे.
उस दिन मेरे लिए भैया का लंड देखने का यह एक अच्छा मौका था.

मैंने थोड़ा साहस करते हुए बोल दिया- भैया, मेरा लंड भी मोटा हो गया है, इसलिए आपको बार-बार हाथ से छुपाने की जरूरत नहीं है!
ये बात सुनकर भैया थोड़ा चौंक गए.

फिर थोड़ा सोचने के बाद उन्होंने अपना हाथ हटा दिया.
उनकी देखा देखी मैंने भी अपना हाथ अपने लौड़े से हटा लिया.

जब भैया ने हाथ हटाया, तब उनका लंड एकदम कड़क हो गया था जो पैंट के बाहर से ही समझ आ रहा था.

मेरा मन कर रहा था कि मैं भैया को बोल दूँ कि आप अपनी पैंट खोल दो.
लेकिन यह रिस्क वाली बात थी, अगर मम्मी आ गईं तो गड़बड़ हो सकती थी.

हम दोनों ऊपर के कमरे में स्टडी करते थे और मेरी मम्मी-पापा नीचे के कमरे में रहते थे.

भैया का लंड नीचे हो ही नहीं रहा था.
थोड़ी देर बाद भैया बोले- दरवाजे को लॉक कर दो  क्योंकि अगर तेरी मम्मी आ गईं और वे हमें इस स्थिति में देख लेंगी तो मामला गड़बड़ हो सकता है.
मैं चुप रहा.

इसके बाद भैया खुद ही उठकर दरवाजा बंद करने के लिए आगे बढ़ गए.
उस वक्त मुझे उनके पैंट से ही खड़ा हुआ लंड दिख गया.

दरवाजा बंद करके आने के बाद भैया बैठ ही रहे थे कि मैंने बोला- भैया, क्या ये चैप्टर आज हम दोनों नंगे होकर ही पढ़ें?
भैया ये बात सुनकर थोड़ा सोचने लगे.

फिर उनके शरीर की भूख ने उन्हें नंगा होने पर मजबूर कर दिया.

अब हम दोनों ने अपनी अपनी टी-शर्ट उतार दीं, फिर कुछ पल बाद पैंट खोल दिए.
भैया पैंट खोलने के बाद चड्डी खोलने जा रहे थे तब मैंने उनका लंड को हाथ लगा दिया.

उनका लंड बहुत मोटा हो गया था.
मेरा हाथ लगते ही भैया के मुँह से आह निकल गया.

मैंने अपने दोनों हाथों से उनकी चड्डी को उतार दिया.
मैं उनका बड़ा सा लंड देख कर एकदम से सन्न हो गया था.

उनका लंड बहुत ही सुंदर था.
इधर भैया ने भी अपने हाथों से मेरी चड्डी उतार दी.
भैया ने मेरा खड़ा हुआ सात इंच का लंड देख कर ‘वाओ’ बोल दिया.

फिर मैं भैया से जोर से लिपट गया.
भैया ने भी उत्तेजित होकर मुझको गोदी में उठाकर बिस्तर पर फेंक दिया.

अगले ही पल वे भी मेरे ऊपर आ गए.

भैया ने मुझे किस किया और मेरे लंड से अपना लंड घिसने लगे.
कुछ मिनट तक ये सब करने के बाद भैया ने कहा कि मेरा लंड चूस लो.

भैया का लंड मेरे लंड से छोटा था, उनका करीब 6 इंच का रहा होगा.

मैं उनके लंड को चूसने के लिए अपने मुँह को लंड के नजदीक ले गया और धीरे से लंड मुँह में ले लिया.
भैया तो सातवें आसमान पर पहुंच गए.

कुछ मिनट तक लंड चूसने के बाद मुझे लगा कि सीढ़ी से कोई ऊपर चढ़ रहा है.

मैंने भैया से कहा और हम दोनों ने जल्दी जल्दी अपनी अपनी पैंट और टी-शर्ट आदि कपड़ों को पहन लिया.

मैंने धीरे से दरवाजा खोला.
सामने माँ थीं.

उन्होंने कमरे के अन्दर आकर भैया से पूछा- आज कितनी देर तक पढ़ाओगे?
भैया ने कहा- बस हो ही गया था.

ये सब करते-करते टाइम का ख्याल ही नहीं था कि कब 9 बज गए.

थोड़ी देर में भैया निकल गए.
मां भी नीचे चली गई थीं.

मां के जाते ही मैं जल्दी से बाथरूम में आ गया और अपना लंड हिला कर खुद को ठंडा करने लगा.

कुछ ही समय में मेरे लौड़े से बहुत सारा माल निकल गया.
मैं फोन लेकर बाथरूम गया था और वीर्य का पिक लेकर मैंने भैया को व्हाट्सएप्प कर दी.

फिर मैं खाना खाने चला गया.
जब मैं खाना खाकर लौट कर कमरे में आया और अपना फोन चेक किया तो भैया ने लाइक और किस का इमोजी सेंड किया हुआ था.

मैंने लिखा- आप भी भेजो अपने माल का फोटो!
तो भैया ने लिखा- कल भेजूँगा!

उस रात से हम दोनों ने सेक्स चैट करना स्टार्ट किया.

मैंने भैया से कह दिया- मैं बहुत दिन से आपका फिगर देख कर रोज अपना हिलाता हूँ. आपकी गांड मारने को बहुत मन करता है.
भैया ने कहा- ठीक है, एक दिन मैं तुम्हारी गांड मारूँगा और तुम मेरी मार लेना.

उस रात हम दोनों वीडियो चैट पर थे और दोनों ही नंगे थे.
उस रात बात इतनी देर तक हुई कि नींद आने में सुबह हो गई.

दो दिन बाद भैया शाम को मेरे घर आए और मेरी मम्मी से बोले- आज रात क्या मैं कुश (मेरा पेट नेम) को अपने घर ले जा सकता हूँ  कुछ प्रोजेक्ट के काम हैं, कल ही कॉलेज में जमा करना है!
तो मम्मी बोलीं- ठीक है, ले जाओ.

उस वक्त मैं ऊपर वाले कमरे में पढ़ रहा था, तभी मम्मी ने ऊपर आकर मुझसे कहा- तुम जाओ, ऋत्विक भैया बुला रहा है. आज रात तुझे उनके घर में रुकना पड़ेगा, तुम्हें उसके प्रोजेक्ट में मदद करना है.
मैं तो यह सुनकर एकदम से खुश हो गया और मैंने माँ को तुरंत ‘हां’ बोल दिया.

फिर नीचे आकर देखा कि भैया मुझे ले जाने के लिए खड़े हैं.
मैं खुशी-खुशी उनके साथ जाने लगा था.

उनके साथ चलते समय मैंने उनसे पूछा कि भैया, आप अपने पेरेंट्स को क्या बहाना बनाओगे?
तो भैया बोले- आज मैं घर में अकेला हूँ, मेरे पेरेंट्स बाहर गए हैं. वे 2 दिन बाद वापस आएंगे.
ये सुन कर तो मैं उछल पड़ा.

फिर हम दोनों उनके घर पहुंच गए.
तब आठ बज रहे थे.

घर के गेट बंद करके हम दोनों सीधा भैया के बेडरूम में चले गए.
कमरे में आते ही भैया ने मेरे होंठ से अपने होंठ लगा दिए और किस करने लगे.

हम दोनों मानो कि अलग ही दुनिया में पहुंच गए.
किस करते-करते हम दोनों बिस्तर पर लेट गए.

साथ में ही हम दोनों लिपटा-लिपटी कर रहे थे.

बिस्तर के एक तरफ से दूसरी तरफ  एक बार मैं उनकी ऊपर तो कुछ पल बाद वह मेरे ऊपर.

पूरे 20 मिनट तक हम दोनों किस किया.

उसके बाद धीरे-धीरे हमने एक-दूसरे के कपड़े उतार दिए और पूरे नंगे हो गए.

भैया नीचे बैठ कर अपने हाथों से मेरे लंड को मसलने लगे.
मुझे बहुत आराम महसूस हो रहा था.

थोड़ी देर में उन्होंने मेरे लंड की फोर-स्किन को दांतों से धीरे से काटा और सुपारे पर अपनी जीभ घुमाने लगे.
मैं मस्ती में ‘उम्म्म उम्म्’ करने लगा.

भैया बोलने लगे- यार, इतना बड़ा लंड मैंने कभी नहीं देखा  और तुम्हारा ये बहुत टेस्टी भी है.
यह कह कर भैया मेरा पूरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगे.

वे पूरे लंड को अपने गले तक ले जा रहे थे.
भैया के सलाइवा से मेरा पूरा लंड गीला हो गया था.

थोड़ी ही देर में मेरा लंड बिलकुल सख्त हो गया और मैं भैया के मुँह में ही झड़ गया.
भैया ने बड़े चाव से पूरा माल निगल लिया.
एक-दो बूँद जो भैया के गाल पर गिर गई थीं, उसे भी भैया ने उंगली से उठा कर चाट लिया.

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