हीर की सेक्स फैंटेसी
एक कहानी में दो बहनों का झूठा प्रदर्शन छिपा हुआ है। जब वे आमने-सामने हुईं, तो छत के नीचे हलचल बढ़ गई। कपड़े धीरे-धीरे फर्श पर आए। एक ने दूसरे की ओर देखा, फिर कुछ पल बाद सब कुछ बदल गया। लकड़ी के ढांचे ने उनके सहारे लिए। ठंडी हवा खिड़की से अंदर आई। दोनों ने ऐसा किया जो कभी सोचा न था।
सुनो दोस्तों, मैं सन्नी अभी-अभी सिमर व राजू के हवस की बात बता रहा था।.
पहले हिस्से में कहानी शुरू होती है। बीवी के मन के अंदर की बातें सामने आती हैं। एक-एक करके उसके ख़्याल दिखने लगते है । कहानी धीरे-धीरे गहराई में जाती है।
अब तक तुम्हें पता था कि सिमर के साथ संभोग हो रहा था। बात-बात में उसके मुँह से निकल पड़ा - उसकी बहन हीर के पति के पास उसे चोदने का वक्त ही नहीं बचता। ये बात सुनते ही राजू के मन में उठने लगे ख्याल, हीर की चुत में धमाल मचाने के।.
इसके बाद की कहानी में एक लड़की का होता है।
अचानक सिमर ने राजू को धक्का दिया। वह आगे बढ़ी, 69 में घुल गई। उसके हाथों ने लंड को जकड़ लियa।.
उसके हाथ धीरे-धीरे टोपे के किनारे पकड़ते हुए नीचे आए। मुँह ने लंड को अंदर ले लिया, बिना किसी झिझक के।.
राजू का मन झटपट भारी हो उठता, जब लंड की खाल नीचे की ओर खिसककर चूसने लगती।.
सिमर को पता था। वह बार-बार चूसना रोक देती। हाथ में लंड को धीमे से घुमाती। फिर मुँह में डाल लेती।.
कभी राजू उसकी चूत में जीभ डालता। कभी-कभी अपनी उंगली अंदर धकेलता।.
उसकी जीभ सूखी हुई थी। फिर भी, वह अपनी लार से उंगली गीली करके सिमर के पीछे घुसाना चाहता था। सिम तुरंत बोली - ये नहीं होगा।.
सिमर को पता था कि हीर को गांड मरवाने का अलग ही लुत्फ़ है।.
गांड मरायी का ज़िक्र हीर ने पहले ही कर दिया था।.
सिमर ने राजू को इस बात का हल्का भी अंदाजा नहीं दिया, नहीं तो वो भी उसकी खूब पिटाई करता।.
राजू का लंड हमेशा से मोटा रहा। सिमर के दिमाग में ख्याल आया - इतने मोटेपन से उसकी गांड चीर देगा।.
सिमर उल्टा होकर राजू के लिए खुद को समेटने लगी, धीरे-धीरे।.
हाथों से उसने मम्मे दबा लिए।.
अँधेरे में उसकी चमकती त्वचा दिखी। लाल नेल पॉलिश लगे नाखून हिल रहे थे। घुटनों पर ये झूमते रंग राजू के अंदर खुशी भर गए।.
उसकी जाँघों के बीच सिमर की गरमाहट में छुपा हुआ था वो। पलक झपकते भीतर खिसक आया। ऊपर-नीचे होने लगा, धीमा शुरू करके तेज़ हो गया।.
हल्के से सिमर ने उसकी छाती पर हथेलियाँ रखीं। फिर वो आगे-पीछे मूवमेंट करने लगी।.
हवा उसके मुँह से सीटी की तरह निकलने लगी।.
क्या वह राजू के साथ थी या राजू उसके, इसका कुछ पता ही नहीं चल रहा था।.
अब तो सिमर का दिमाग ही बहक गया था।.
मुँह से ऐसे शब्द आ रहे थे, जैसे भूख पर कोई काबू ही न रख पा रहा हो।.
उसके कंधों को छूते हुए राजू ने धक्का दिया। पैरों को फैलाते हुए वह आगे बढ़ा। गर्मी बढ़ी। मुट्ठी से झटका लगा।.
जैसे ही उसने लंड पेला, गाड़ी की रफ्तार और बढ़ गई।.
थकावट ने जल्दी कर लिया।.
सिमर के मुंह से बोल टपके - राजू, इतने दिन बाद आज खेल पूरा कर। धमाका कर दे कल की तरह।.
राजू बोला, ले ले… आज मैं तुझ से हर चीज़ वसूलकर रहूँगा।.
थकावट से झुलसा हुआ राजू, महज दस मिनट की उग्र गति के बाद, सिमर की चूत में सब कुछ उंडेल चुका था। फिर वहीं ढह गया, शक्तिहीन, एक टूटे खिलौने की तरह।.
तौलिए से सिमर ने खुद को साथ में राजू को भी साफ़ किया।.
थोड़ी देर बाद, उसने राजू के गाल पर चुम्मा दिया। फिर आहिस्ता से बोली – अभी डेढ़ दो घंटे की नींद ले लो। मैं ही तुम्हें जगा दूंगी।.
थोड़ी झपकी लेने के बाद अगले दिन तरोताजा महसूस करेगा, राजू इस बात से वाकिफ था। हालाँकि मन कर रहा था एक ओवर और खेल डाले।.
एक-दूसरे से चिपके, नींद में ढल गए।.
तभी सिमर ने मोबाइल में घंटी बजने का इंतजाम किया, वो भी राजू के हिस्से समेत।.
सुबह के आठ बजे उसका अलार्म बजने वाला था। राजू के हवाई अड्डे पर छूट जाने के बाद सिमर ने चादर में घुल कर आँखें बंद कर लीं।.
आँख खुलते ही जल्दी से तैयार होकर निकल पड़ी, स्कूल की ओर।.
घर पहुँचते ही उसने सारे कमरों में जमी धूल साफ कर दी। कल तो हीर मेहमान बनकर आने वाली थी।.
थोड़े से नाश्ते के पदार्थ बनाकर अलमारी में रख लिए। ठंडागृह में बीयर की कुछ टिनें भी डाल दीं।.
सुबह के समय शनिवार पड़ा। आधी छुट्टी पर घर वापसी की तैयारी थी।.
दोपहर में जब वो घर आई, हीर उस समय तक पहुँच चुकी थी जो पहले से तय था।.
हीर ने जैसे ही उसे देखा, पलक झपकते चिपक गई। अपनी पुरानी आदत के रंग में, सिमर के गालों पर चूमाचाटी का तूफ़ान बरसा दिया।.
सिमर ने उसकी ओर देखा, मुँह से सिगरेट की बदबू आ रही थी। बोली, जा यहाँ से।.
हीर ने कहा - हाँ, तू तो खुशबूदार सिगरेट पीती है।?
बीयर के डिब्बे हाथ में लेते हुए हीर ने फ्रिज का दरवाज़ा खींचा।.
खाने का समय आते ही सिमर का ऑर्डर पहुँच चुका था।.
धुएं के बीच सिमर ने मुड़कर हीर को देखा। अब कुछ और खा लेना चाहिए। पेट खाली है। घटनाओं का रुख बदल गया।.
हीर ने कहा - सुन, मैं पहले नहाऊँगी। तुम भी आकर तैयार हो जाना।!
सिमर ने कहा - तुझसे पता है, इतनी देर तक नहाने में कितना समय चला जाता है। अब कोई मज़ाक नहीं, पेट खाली है। तू जा और पानी में घुस।.
सिमर ने कपड़े बदले, फ्रॉक पहन ली। हीर तब नहाने चली गई।.
बाथरूम से हीर की आवाज़ आई। वो अंदर गया तो बोली, पीठ धोने में थोड़ी मदद कर दो।.
बाथरूम के अंदर पहुँचकर सिमर जो झुंझला रही थी, तभी हीर ने मुस्कुराते हुए उसे पकड़ लिया, फिर शॉवर चालू कर दिया।.
हीर के भावों को समझने में सिमर को कभी दिक्कत नहीं हुई।.
फिर वो भी अपनी फ्रॉक उतारने लगी। साथ में बाथरूम के अंदर, त्वचा पर पानी की बौछार।.
बार-बार हीर उसके पास आ जाती।.
हंसते हुए सिमर ने उनके गाल दबा दिए - तुम्हारा जीजा बड़े प्यार करता है मम्मों को।.
हीर ने कहा - जीजू सिर पर चढ़कर बोलते हैं। वैसे रवि के मन में इसका कोई भार नहीं।.
दोनों हंस पड़ीं.
पानी की मोटी धार से हीर ने सिमर पर जमाया।.
सिमर ने हँसते हुए कहा - उन दिनों का क्या ज़माना था, जब इस धार पर भगदड़ मच जाती। राजू इतना बड़ा है कि पतली सुरंग उसके लिए गुफा जैसी लगती है। अगर वो जी तोड़ दे, तो सिर्फ अंधेरे में खोया रहे।.
हीर ने कहा - तू कितनी भाग्यशाली है। मुझे तो राशन की तरह सेक्स मिलता है, सप्ताह में महज एक या दो बार। हालाँकि, जब भी होता है, पूरा उठापछाड़ करवाती हूँ। रवि को बिना दो बार निपटाए नहीं छोड़ती; पहले सामने से, फिर पीछे से।.
सिमर ने कहा - राजू को ये बात मत बताना कि रवि तुझपर हाथ उठाता है। मैंने उसे घटना के बाद बड़ी मुश्किल से रोका था। नहीं तो वो इतनी देर में मेरी पीठभी चख लेता।.
बाहर कदम रखते ही उनकी हंसी छूट गई।.
शुरू में हीर ने सिमर का अलमारी खोला। फिर दो छोटी पोशाकें बाहर आईं।.
सिमर ने कहा - थोड़ा सा भीतर तक जाने दो।.
हीर ने पूछा - अब तो क्या, तेरा कोई प्रेमी यहाँ आने लगा है?
खाना खाकर वो दोनों सीधे बिस्तर पर चली गईं।.
फ्रॉक उतारकर हीर ने सिमट कर लेट गई। दोनों पास-पास जम गए सोने में।.
रात के पखवाड़े में वो दोनों, हल्के-फुल्के मन से, गुड़गाँव के एक बड़े से खरीदारी के स्थान में टहलती रहीं। आखिरकार जब घड़ी ने रात के काफी पहर बताए, तभी घर लौट पाईं वो।.
पेट भरा था.
हीर ने कहा, आज शाम बाहर चलते हैं।.
सिमर बोली- क्यों?
हीर ने कहा, सेक्स में अच्छा लगेगा।.
हंसते हुए सिमर ने पूछ लिया - किसी को तुमने बुलाया है क्या?
हीर ने कहा - आज तुझे बुलाया नहीं गया, मगर अगर तैयार है तो कल बुला लूँगी। आज हम दोनों लेस्बियन सेक्स करेंगे।.
कमरे में अभी-अभी सिमर पहुंची थी। कपड़ों का बदलाव उसने तुरंत शुरू कर दिया। पलंग के पास ही छोटी प्लेट में काजू रखा गया। व्हिस्की की बोतल भी वहीं आ ठहरी।.
धुएं में से हीर निकली। पूछा - कहाँ चल रहा है तू?
सिमर को बात समझ नहीं आई। उसने सवाल किया - ये क्यों हुआ?
कपड़े तो वैसे पहन रखे हैं मानो कहीं घूमने जाना हो। हीर ने कहा - नहीं,.
सिमर ने कहा - तेरे सिर में क्या चलता है? मैं कुछ तो पहनूँगी। अच्छा, तू भी वोी डाल ले जो तेरे मन में है… वैसे भी तू झिझकता नहीं, घटवा टांग के आ ही सकता है।.
एक टी-शर्ट राजू के अलमारी से निकालकर हीर ने खुद पर डाल ली।.
राजू के मज़बूत बदन का अब कोई अंदाज़ा नहीं। हीर का भी सवाल उठता है। फिर भी, उसके तेज़ दाँत अभी भी उसके भीतर खिंचे हुए थे।.
एक के बाद एक, वो दोनों बिस्तर पर जा बैठी।.
थोड़ी देर में सिमर ने दो छोटे पैग तैयार कर लिए।.
हीर के मुँह से नॉन-वेज के मजाक सुनते ही सिमर का हंसना बंद ही नहीं हो रहा था।.
मोबाइल से हीर ने क्लिपिंग भेज दी, सिमर के स्मार्ट टीवी पर।.
सिमर के पास हीर जा बैठी।.
फिल्म में दिखाया गया कि लड़कियों की पार्टी में हंसी-मजाक छाया रहता है। कोई किसी के गाल चूम लेती है, फिर वो सब एक-दूसरे से जुड़ने लगती हैं। कभी कोई पीछे हटती है, तो कोई धीरे से आगे बढ़ जाती है।.
अचानक स्क्रीन पर दो जवान लड़के दिखाई देते हैं, उनके कपड़े लड़कियां मिलकर उतार डालती हैं। कुछ लड़कियों को उनका लंबा-चौड़ा शरीर अच्छा लगता है, वे उसे छूकर हिला देती हैं या मुंह में ले लेती हैं।.
गर्मी बढ़ते ही लड़कियाँ एक-दूसरे के मुंह पर मुंह रख लेती हैं, कभी नखरों से चूत में उंगली डाल देती हैं। कई बार किसी के मन में ख्याल आता है, तो लड़कों के साथ चुदाई में घुल जाती है।.
इतना देखकर हीर का ताप बढ़ गया। सिमर के भी रंग में आग लग गई। कपड़े धीरे-धीरे फर्श पर आ गए। अब वो एक-दूसरे के होंठों को छूने लगीं।.
एक के साथ दूसरे की चूत में जीभ डालते ही 69 में आवाज़ें फूट पड़ीं। धीमे-धीमे आहों का दबाव बढ़ने लगा।.
एक पेग के बाद अब सन्नाटा छा गया था।.
उठकर सिमर ने हल्के हाथ से व्हिस्की की बूँदें मम्मा और हीर पर छिड़क दी। फिर दोनों धीमे-धीमे एक-दूसरे के दूध पीने लगीं।.
हीर की माँ के स्तनपान करते हुए सिमर को खूब आनंद आया।.
उसने कहा - हीरे! अब समझ पड़ा कि राजू इतने जोर से क्यों चिल्लाता है। आने दो उसे, इस बार मैं खुद उसके मुँह में ठूंस दूँगी तेरे मम्मे।.
हीर ने कहा - हां… फिर वो मोटा लंड मेरी चूत में डालकर फाड़ दे।.
सिमर- सच्ची?
सुबह में दर्द नहीं होता, जैसे तुझे होता है। पतला ही अच्छा है, मेरे वाले का। बाबा नहीं, हीर न।.
एक के मुंह से हंसी छूट गई, तो दूसरी ने भी पल भर में जवाब दिया।.
सिमर के हाथ में अब तीसरा पैग आ गया।.
एक के पास वो बैठ गई, दूसरी भी चिपकती चली गई। टीवी में अब सब कुछ नंगा-नंगा घट रहा था।.
हर लड़के के साथ दो या तीन लड़कियां जुड़ी हुई थीं।.
एक बार में एक का होंठों पर स्वाद था, फिर अचानक ध्यान शिफ्ट हुआ दूसरी की ओर।.
किसी ने तो सिर्फ मम्मी के साथ ही सब कुछ छुपा लिया।.
एक कोने में लड़कियाँ सटकर खड़ी थीं।.
एक के पास बोतल थी, चूत में धंसी। किसी और की जीभ वहीं सरगरम थी।.
चारों तरफ से अब किसी की आहट सुनाई दे रही थी। धीमे से कोई कह रहा था - मुझे बहुत तकलीफ है।.
हीर ने सिमर के मम्मे चूसते हुए कहा - कल किसी मसाज वाले को बुलाएंगे। अगर मन हुआ, तो पूरा काम भी हो जाएगा।.
सिमर ने कहा - क्या होश खो बैठी है? इस तरह की हरकत नहीं चलेगी। अब मैं आई हूँ, तेरी जलन सुलझाऊँगी।.
सिमर ने कहा, ये रही, फिर उसने अलमारी से एक वाइब्रेटर बाहर निकाल दिया।.
हीर की नजर पड़ते ही वो छलांग लगा दिया - राजू के साथ रोज़ के बाद भी तुम्हें ऐसा करने की आदत पड़ गई है?
सिमर ने कहा - थाइलैंड में थे, वहीं से लाया।.
इतने में उनके सिर पर नशा सवार हो गया।.
सिमर ने हीर की जांघों को अलग किया, फिर वाइब्रेटर उसकी गीली चूत में समा गया। इधर उसके होंठ उसके मम्मों पर चिपक गए।.
किनारों पर, वाइब्रेटर पर गोल-गोल ढक्कन बने हुए थे।.
हीर कसमसा गयी.
वह खुद ही वाइब्रेटर सम्भालने लगी, फिर तेजी से आगे-पीछे हिलाने लगी।.
उसके होंठ सिमर के होंठों पर चिपके थे, मम्मे धीरे-धीरे दबा रही थी।.
हीर ने सिमर को पलंग पर लिटाया, उसके पास जाकर लेट गई। फिर वाइब्रेटर का स्पष्ट छुआवन धीमे से उसकी चूत में डाल दिया।.
अब वो दोनों अपने-अपने खिलौने से एक दूसरे की योनि में गहरे हलचल करने लगी।.
उसके होठों से एक साँस छूटी, तभी दूसरे के मुँह से भी धीमी आवाज़ निकल पड़ी।.
थोड़ी देर में हीर ने वाइब्रेटर बाहर निकालकर पटक दिया। फिर सिमर के ऊपर चढ़ गई वह।.
एक की चूत, दूसरी के होंठों से टकराई। फिर मम्मे भी बीच में आ गए। धीरे-धीरे रगड़ शुरू हो गई, पहले हल्की, फिर तेज।.
जिन लड़कियों ने साथ में घर्षण का अनुभव किया है, उन्हें पता होगा - जब चूत-चूत आपस में रगड़ती हैं, तो वही गर्माहट होती है, जो लंड से रगड़ने पर होती है।.
थोड़ी देर में न्यूड लड़कियाँ सेक्स के खेल में ऊबने लगीं।.
पानी बार-बार खत्म हो गया था, दोनों के साथ।.
दो बजने में कुछ ही मिनट रह गए थे।.
एक के सिर पर दूसरी का हाथ था।.
सुबह के नौ बजे होने पर सिमर की नींद टूटी।.
नीलम के पास खड़ा ढोलक अचानक से बज उठा।.
उंगली सिमर के हाथ से उसकी चूत में जा पहुँची।.
उठते हुए हीर ने मुस्कान छिड़क दी। कहा, सुनो, कल तो बहुत मजा आया था। अब फिर से कुछ करना पड़ेगा।.
हंसते हुए सिमर ने कहा - सोचना छोड़, उठकर पानी लगा ले। इसके बाद कुछ गरम-गरम रोटी खाएंगे।.
सुबह उठकर नहाने-धोने के बाद जब नाश्ते पर बैठे, घड़ी में 11 बज चुके थे।.
बार-बार हीर उसी मसाज के बारे में बड़बड़ा रही थी।.
सिमर धीरे से बोली, इतना जोखिम भरा मामला है। कोई पहचान-पहचान, कुछ नहीं - फिर भी शारीरिक संबंध? नहीं, वो तो बिलकुल नहीं सोच सकती।.
मसाज के लिए हीर ने गूगल पर ढूंढा। कुछ नंबरों से बातचीत हुई, जो घर आने का काम करते थे।.
अंत में सिमर ने हाँ कह दी, कहा – किसी मसाज वाले को तो बुला ही लेते हैं। लेकिन साफ शर्त थी: अंडरवियर बिलकुल नहीं उतरेगी। छाती और योनि को किसी के हाथ नहीं लगने देगी। कोई भी बात सेक्स की तक नहीं जाएगी।.
खुशी से उसकी आँखें चमक उठीं।.
एक पंजाबी लड़के को देखते ही फैसला हो गया। व्हाट्सैप पर बातचीत के बाद, चेहरा देखकर समझ आ गया कि अब कोई झिझक नहीं। ठीक नौ बजे मिलने का प्रबंध हो गया।.
दोपहर के भोजन के बाद वो दोनों पलंग पर लेट गईं।.
हीर शाम को उठते ही बोल पड़ी - चाट खाने का मन है।.
आठ बजे से पहले ही दोनों मुड़कर लौट आई थीं।.
थर-थर काँपती सिमर को याद आया, थाइलैंड में तो बहुत कुछ हो चुका था, फिर भी राजू के बगैर हर छुआई अजीब लग रही थी।.
हीर ने आहिस्ता से कहा, कभी जयपुर में एक दोस्त के साथ पार्लर में सैंडविच मसाज हुई थी। उस वक्त वो लड़की, वो लड़का और खुद हीर - तीनों के ऊपर सिर्फ अंडरवियर था। इसके बाद वहाँ छेड़छाड़ हुई, बस।.
सिमर ने हीर से कहा, अगर तूने गलत रास्ते पकड़ लिए तो ठीक नहीं होगा। वो बोली, ध्यान रखना, कहीं ऐसा न हो कि मजबूरी में तुझे किसी के हवाले करना पड़ जाए।.
हंसते हुए हीर ने वादा किया, मगर सिमर के मन में अभी भी शक था।.
शाम के करीब नौ बजे विकी पहुँचा, मसाज बॉय। एक खिंचा हुआ स्वभाव था उसमें, 26 से 28 के बीच की उम्र का, मुस्कुराता हुआ चेहरा।.
जब वह आया, हीर ने बात करते हुए तीन बियर की केन खोल डालीं। साथ में तीन और साइड टेबल पर रख दी।.
बातचीत के दौरान विकी ने पूछा - आपको किस तरह की मसाज चाहिए, समय कितना है आपके पास?
इससे पहले कि हीर कुछ कह पाती, सिमर ने कह दिया - बस एक साधारण तेल मालिश चाहिए। वैसे, अभी सिर्फ दस या दस बजकर आधा ही है।.
हिचकिचाते हुए विकी की नज़र हीर पर पड़ी। उठते हुए उसने कोई बहाना बनाया, फिर चुपके से आंख मार दी।.
वास्तव में, जब हीर ने विकी को बुक किया, उसने जो राशि तय की थी, वह सभी सेवाओं को ध्यान में रखकर थी।.
सब कुछ शामिल था, जिसमें सेक्स भी पड़ता।.
भइया, दोनों बहनों के साथ कॉलब्वॉय ने जो किया, वो अलग ही लेवल पर था। एक-एक करके सब हुआ, कोई रुकावट नहीं। चुत में लंड डाला या नहीं, इस बात का अंदाज़ा खुद उन्हीं से होगा। ऐसी लड़कियाँ शायद ही कहीं देखने को मिलें।.
कहानी पर ऐनल ऐस्स Xxx के तरफ से कुछ बातें आई हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0