मां बेटी का लेस्बियन सेक्स और प्यार

Desisexkahaniya

Jan 3, 2026 - 15:34
Jan 8, 2026 - 17:50
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मां बेटी का लेस्बियन सेक्स और प्यार

यह हिंदी लेस्बियन मजा कहानी पढ़ें, जो बताती है कि मैं अपनी माँ के साथ सेक्स करने के बारे में पूरी तरह से खुला हूँ। हम एक दूसरे का बदन छेड़ने में मज़ा लेते हैं।

मैं मोनिका मान उर्फ़ मोनी हिमाचल हूँ। मैं एक लेस्बियन मजा हिंदी कहानी लाया हूँ।


आप सभी को मेरी पिछली कहानी, जो सेक्स की चाहत से अश्लीलता तक चली, पढ़ने के लिए बहुत धन्यवाद।

मैंने पिछली कहानी के लिए आपके सभी मेलों का उत्तर दिया। मैं कुछ लोगों को जवाब नहीं दे पाया, उनसे माफी चाहता हूँ। मैं आपको बता दूँ कि तीन या चार पत्र ऐसे आए थे जिन्होंने आपको बताया था कि आपको एक रात की भुगतान करनी चाहिए।

मैं उनको बता दूं कि मैं कोई रांड नहीं हूँ और जिससे मेरा मन करता है, मैं उसी से शारीरिक संबंध बनाऊंगा। बल्कि मैं खुद उस लंड को भुगतान करता हूँ अगर वह मुझे अच्छा लगता है।

मैं अपने फिगर के बारे में कुछ लोगों को बताता हूँ और कुछ लोग मुझे नहीं जानते हैं।

32 इंच की गोल चूचियां मेरे पास हैं। कमर 28 इंच और कूल्हों 36 इंच का है। पूरा शहर मेरी गांड से प्यार करता है।

मैं जींस शर्ट पहनती हूँ। मेरे कूल्हे जींस में उभरे हुए बिल्कुल साफ दिखाई देते हैं। मैं बॉयकट बाल रखती हूँ और मेरा रंग गोरा है।

मेरे परिवार में चार लोग हैं: मेरे पापा, मेरी मॉम, मेरा बड़ा भाई, बड़ी बहन निकिता और मैं। घर में सबसे छोटी मैं हूँ। मेरी बहन निकिता पापा के साथ दिल्ली में रहती है, जबकि मेरा भाई पंजाब में काम करता है। मैं और मेरी मॉम घर में रहते हैं। मेरी माँ 20 वर्ष की थी जब मेरी दीदी का जन्म हुआ।

मेरी कहानियां मेरे जीवन से प्रेरित हैं। आज की घटना भी कपोलकल्पित नहीं है।

ज्यादातर लोगों ने मुझसे कहा कि मैं हिंदी में एक लेस्बियन मजा कहानी लिखूं।
जब मेरे पाठक मुझे इतना प्यार देते हैं, तो मेरा भी कर्तव्य है कि कहानी उनके अनुसार लिखूं।

मित्रों, आपकी मांग के अनुसार, आज की सेक्स कहानी मेरी माँ और मैं दोनों की है।

मैं आपसे विनती करता हूँ कि आप इस हिंदी लेस्बियन मजा कहानी को अपने दोस्तों से शेयर करें। इससे मैं अन्तर्वासना से नए लोगों से मिलेंगे और नए दोस्त भी मिलेंगे।

जैसा कि मैंने ऊपर बताया है, मेरी माँ और मैं ही घर पर रहते हैं। मैं अपनी माँ से सब कुछ शेयर करता हूँ। मैं अपनी माँ को हर तरह का मजाक भी करती हूँ। मैं अपनी माँ के सामने घर में सिर्फ पेंटी में घूमती हूँ। मैं माँ के सामने अपने कपड़े बदलती हूँ। मतलब, मैं अपनी माँ के साथ पूरी तरह से फ्रैंक हूँ।

मैं हमेशा से मेरी माँ की तरह फिगर चाहता था।

मम्मा ने अपना फिगर बेहतरीन बनाया है। 34 इंच की एकदम तनी हुई मां की चूचियां हैं। उनके कूल्हे 38 और कमर 30। मम्मा साड़ी पहनती है। वे नाभि से नीचे साड़ी पहनती हैं और खुले गले का ब्लाउज पहनती हैं। मैं माँ की गहरी नाभि बहुत पसंद करता हूँ। ममा की बड़ी चूचियां किसी का भी लंड खड़ा कर सकती हैं क्योंकि वे ब्लाउज से बाहर दिखती हैं। ममा की चूचियां भी बहुत छोटी हैं।

हमारे दो अलग कमरे हैं, लेकिन पिछले छह महीनों से मैं अपनी माँ के साथ एक ही बिस्तर पर सोती हूँ।

हम सिर्फ पेंटी में सोते हैं। मैं माँ की नाभि से खेलती रहता हूँ। कभी-कभी नाभि पर किस करती हूँ। मेरी माँ की नाभि उतनी गहरी नहीं है। मैं नाभि पर किस करते समय माँ की चूचियों को भी सहलाती हूँ। मैं अपनी माँ की चूचियों को मुँह में रखकर सो जाता हूँ। मैं भी माँ से सप्ताह में दो या तीन बार पूरे बदन पर मालिश करवाती हूँ। मैं मालिश करते समय भी झड़ जाती हूँ।

हमारे शरीर को देखकर हर कोई कहेगा कि हम बहनें हैं। हम दोनों का व्यवहार भी समान है। मम्मी अक्सर अचानक मेरी चूत को मुट्ठी में दबाती हैं। कभी-कभी पीछे से चूतड़ों को सहलाती हैं।

मैं भी माँ की तरह व्यवहार करती हूँ। हम एक साथ बाथरूम में नहाते हैं। मैं अपनी माँ से चूत की वेक्सिंग करवा लेती हूँ। हम दोनों दोस्त हैं, न कि मां-बेटी।

मेरी माँ बड़ी उम्र के लोगों में नहीं, बल्कि 27 से 28 साल की उम्र के लड़कों में है। मम्मा भी लड़कों के साथ बाजार जाती है। कभी-कभी सिनेमा देखने भी जाती हैं।
मम्मा अक्सर अपनी डस्टर कार से जाती है।

एक दिन मैं भी बाथरूम में घुस गया जब मेरी माँ नहा रही थी। मम्मी ने पूरे शरीर पर साबुन लगाया। पीछे से मैं उनके बदन को रगड़ने लगा।

तब मैं मम्मी के कूल्हों पर हाथ रखकर सहलाने लगी। मैं सिर्फ अपने कूल्हों और पेट को सहला रही थी।

पहले मैंने ऐसा नहीं किया था। सेक्स का अनुभव नहीं हुआ था।

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मैं अपनी माँ के साथ लेस्बियन सेक्स करना चाहता था, लेकिन मुझे डर भी लग रहा था। मैंने हिम्मत करके माँ की पीठ पर अपनी चूचियां रगड़ दीं और उससे चिपक गया।
तभी माँ ने शॉवर लगाया।

मैंने मॉम की पीठ पर किस करने लगी और अपना हाथ नीचे करके चूत पर रख दिया। मेरी हिम्मत बढ़ गयी जब माँ ने कुछ नहीं कहा। मैं माँ की चूत के बीच में अपनी उंगली फिराने लगी। मेरी मॉम ने भी मज़ा लिया और कुछ नहीं कहा।

मैंने कुछ देर ऐसा किया।

तभी माँ ने मेरा हाथ हटा दिया और मुझे गले से लगा लिया। उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में लगाया। फिर मेरे कूल्हों को मसलने लगीं। मैं भी ऐसा ही किया और माँ के साथ काम करने लगी।

अब हमारे बीच बातचीत होने लगी। मैं कभी-कभी अपनी जीभ मेरे मुँह में डालकर चूसने लगती हूँ।

मेरी माँ की हाइट पांच फ़ीट छह इंच है, इसलिए उनकी चूचियां मेरी चूचियों के ऊपर थीं।

मैंने अपनी बीच वाली उंगली माँ की चूत में डाल दी। मम्मी ने मेरी उंगली को अपनी चूत में दबाते हुए जोर की सिसकारी निकाली। साथ ही, मॉम ने मुझे अपनी बांहों में कसकर भींच लिया।

यह भी मुझे हैरान कर दिया कि जिस महिला को 22 साल की लड़की, 21 साल का लड़का और 19 साल की छोटी लड़की है। उस महिला को इस उम्र में भी इतना सेक्स करने का अधिकार है क्या?

तब माँ ने साबुन उठा कर मेरे शरीर पर लगाने लगी और मेरी उंगली निकाल दी। हम दोनों स्नान करने लगे।

मैं नहाने के बाद माँ ने मुझे और अपना शरीर पौंछा, पता नहीं क्या हुआ। मैंने सोचा कि मैंने मॉम की चुत में उंगली डाल दी।

Mam कूल्हों को मटकाती हुई बाथरूम से बाहर निकल गई।

मम्मी ने मुझे देखते हुए आंख मार दी। मैं अपनी माँ के साथ भी कमरे में चली गई।

मेरी माँ ने मेरी पेंटी उठाकर मुझे पहना दी। फिर ब्रा और जींस शर्ट पहना। बाद में उन्होंने मुझसे कहा कि चलो मार्किट चलते हैं और खुद भी कपड़े पहन लिया।

मैं ब्रा पेंटी और कुछ जरूरी सामान भी खरीदना था। मैंने हाँ कहा।

मम्मी ने कार निकाली और शहर के लिए चली गईं।

मम्मी ने मेरे कार को बाजार में एक जगह पार्क किया और मुझे कॉस्मेटिक स्टोर में ले गईं। वहां से कुछ खरीद लिया, फिर कपड़ों की दुकान पर गया और माँ को एक साड़ी और एक रेडीमेड ब्लाउज खरीदा।

मैंने बाहर हौजरी के काउन्टर से एक ब्रा और पेंटी ली।
ये पेंटी मुश्किल से मेरी चूत को ढक सकती थी। मैंने वहां परीक्षण कक्ष में पहन कर भी देखा। मेरी माँ ट्रेल रूम में मेरे साथ थी।

मुझे बताया गया कि ये विशिष्ट समारोहों के लिए होते हैं।
क्या मुझे उन पार्टियों में सिर्फ यही पहनना होगा? मैं हंस पड़ा।
मेरी बात सुनकर माँ भी हंस पड़ी।

तब मेरी माँ ने मेरी एक टांग को साइड में रखे एक स्टूल पर रखवा दी और पैंटी को चूत के ऊपर से हटा कर कहा, "यह उन पार्टीओं में ऐसा लगता है।"
यह कहते हुए, मॉम ने एक उंगली मेरी चूत में डाल दी और दूसरी उंगली बाहर करते हुए कहा, "जब मर्जी हो तो उंगली करवा लो, पैंटी नहीं उतारनी होगी।"

मैं माँ की बात पर हँस पड़ा।

फिर हम दोनों ट्रायल रूम से निकल गए और सब कुछ खरीदकर वापस घर आ गए।

जब मैं घर पहुंची, मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और बेडरूम में जाकर मुँह के बल लेट गई।

थोड़ी देर में मेरी माँ भी मेरे पास आ गई और आते ही मेरी पीठ सहलाने लगी। मम्मी ने कोई कपड़ा नहीं पहना था।

तभी माँ मेरे ऊपर लेट गई और मेरी गर्दन चूमने लगी। मेरी पीठ पर उनकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ रगड़ने लगीं। मैं सीधा हो गया और माँ मेरे होंठों को चूमने लगी।

मैं सेक्स की इच्छा रखने लगा। मैं भी माँ के साथ काम करने लगी। मैं भी अपनी चूचियों को मसल रहा था। मैं भी गर्म हो गया था। माँ की सांस तेज हो गई।

५ मिनट तक मेरे होंठों पर किस करने के बाद माँ धीरे-धीरे नीचे की तरफ किस करने लगी। मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगीं। मुझे अजीब लगने लगा।

इसके बाद माँ ने अपनी जीभ मेरी चूत में डाल दी। मेरी टांगें खुल गईं और मैंने माँ का सर अपनी चूत पर दबाया। मैं मादक सिसकारियां निकालने लगा।

तभी मैंने माँ को 69वें पद पर आने के लिए कहा।

अब माँ का मुँह मेरी चूत पर था। मैं भी माँ की चूत को आगे पीछे करने लगी और उंगली डालने लगी।

मुश्किल से दस मिनट ही हुए थे कि मैं गिर पड़ी। मैंने अपनी चूत का पानी माँ के मुँह में डाल दिया। मैंने भी तुरंत उंगली चला दी। मेरी माँ भी मेरे साथ झड़ गई। हम दोनों चुप हो गए। मैं सिर्फ मेरे ऊपर निढाल हो गया।

इस तरह माँ-बेटी ने लेस्बियन मनोरंजन किया।

थोड़ी देर बाद माँ उठकर मेरे साथ लेट गई। मैंने माँ की ओर देखा। मैं माँ की चूची चूसने लगी और उंगली उनकी नाभि में घुमाने लगी।

मम्मी ने पूछा कि कभी किसी लड़के से सेक्स किया है?
मैं नहीं जानता था कि मैं सच बताऊँ या नहीं।
हां में गर्दन हिलाते हुए मैंने माँ की ओर देखा।

मैं उठकर बिल्कुल नंगी रसोई में चली गई।
मैंने चाय बनाकर अपनी माँ को दी और फिर खुद पीने लगी।

पिताजी ने चाय पीने के बाद कहा, "मोनी, आज दोपहर बाद मेरा प्रेमी आने वाला है।" मुझे परेशान मत करो।
मैंने OK कहा।

मैंने माँ को बताया कि मैं आपका सेक्स देखना चाहता हूँ क्योंकि मैं मॉम को सेक्स करते देखना चाहता था।
मां ने इनकार कर दिया।

मैंने भी जिद नहीं की और माँ को बताया कि मैं भी अपने प्रेमी को घर बुलाऊंगा, इसलिए आप भी नहीं देखेंगे।
ठीक है, मैं नहीं देखूंगी, माँ ने कहा।

करीब 3 बजे, 25 से 26 वर्ष का एक लड़का घर आया। उन्हें पानी दिया, चाय बना दी और मॉम ने उनको अपने बेडरूम में ले गया।
5 बजे के आसपास वह चला गया।

मैं अंदर क्या हुआ नहीं जानता।
लेकिन माँ बाहर आई तो उनके चेहरे पर चुदाई की खुशी झलकती थी।
फिर माँ ने स्नान करके साड़ी पहन ली।

मैं भी नेवी ब्लू जींस और टी-शर्ट पहनकर बाहर निकल गया।

अब मैं माँ के साथ लेस्बियन हो जाता हूँ जब भी मेरा मन सेक्स पर होता है। और जब मन करता है, अपने प्रेमी को फोन कर चुदाई करने का मजा लेती हूँ।

आपको धन्यवाद।
मैं आपको अगली सेक्स कहानी में अपने अजनबी के साथ हुआ अनुभव बताऊँगा। यदि आप मेरी लेस्बियन मजा हिंदी कहानी को पसंद करते हैं तो कृपया मुझे मेल करके बताएं।

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