दुल्हन भाभी के साथ लेस्बियन सेक्स

desisexkahaniya

Jan 3, 2026 - 15:52
Jan 8, 2026 - 17:44
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दुल्हन भाभी के साथ लेस्बियन सेक्स

मेरा नाम निशा है। मैं ४० साल की हूँ, मेरा फिगर ३८ सी ३६ ४० है और मैं बहुत ही हॉट और सेक्सी दिखता हूँ। लोगों ने मेरी पिछली कहानियों को बहुत सराहा और कमेंट दिए, इसलिए मैं आपके लिए एक और सच्ची कहानी लेकर आया हूँ: मैंने मनाली में अपने छोटे भाई की पत्नी के साथ लेस्बीयन सेक्स किया।
मैं कहानी शुरू करता हूँ।

21 नवम्बर मेरे भाई की शादी का दिन था। उसकी पत्नी बेहद सुंदर और आकर्षक है। वह रीतिका है और नोयडा में रहती है। रीतिका भाभी 26 वर्ष की है और उसका वजन 34बी 30-36 है। वह खूबसूरत दिखती है।
बात मेरे छोटे भाई और भाभी के हनीमून मनाली में जाने की है, जहां मैंने रीतिका से लेस्बीयन सेक्स किया था। पिताजी ने मुझे भाई के साथ भेजा क्योंकि मैं वहाँ कई बार जा चुकी थी।
23. हम वहाँ पहुँच गए थे। हम लोगों ने उसके बाद वहाँ घूमना शुरू किया और रात भर वहाँ घूमते रहे, जो बहुत अच्छा था।

मैं आपको बता दूँ कि अगर मैं किसी भी सेक्सी महिला को देखूँ तो मुझे लगता है कि मैं लेस्बियन सेक्स करूँगा। साथ ही मेरे मन में अपने भाई की पत्नी के साथ लेस्बीयन सेक्स करने का विचार आया। रात भर हम तीनों एक ही कमरे में बैठे हुए चर्चा करते रहे। रात के लगभग 11 बजे थे जब मैंने रीतिका से कहा, "तुम लोग सो जाओ, मैं अपने कमरे में जाती हूँ।"

मैं फिर अपने कमरे में चली आई और कुछ देर सो गई।

रीतिका मुझे सुबह पांच बजे जगाने आई. मैंने दरवाजा खोला तो वह नाईटी में थी। मैंने पूछा कि आप ऐसे क्यों आए?
उसने पूछा: क्या हुआ?
मैंने कहा, "कुछ नहीं..।" इसी तरह!

वह मेरे कम्बल में घुस गई जब हम दोनों ननद भाभी कमरे में घुस गए।
मैंने पूछा: वहाँ से आने का क्या कारण था?
Ritika ने कहा, "दीदी, उन्होंने पूरी रात सोने नहीं दिया!"
तो मैं हंस पड़ा।

तब मैंने उससे कहा, "यार..।" मैं पूरी रात सो नहीं पाया, तुम्हारे जीजा!
फिर मैंने पूछा कि इतनी जल्दी भागने का कारण क्या था?
मेरी भाभी ने कहा, "दीदी, आप भी नहीं करेंगे।" अब छोड़ो!
नहीं। मेरी जान, बताओ क्या किया?”

जब मैंने उससे जान मांगी तो वह मुझे देखकर कहा, "कुछ नहीं," दीदी, वे बहुत दर्द कर रहे हैं क्योंकि वे कई बार यौन संबंध बना चुके हैं।
मैंने कहा कि कुछ लगाने से दर्द कम हो जाएगा।
उसने पूछा: क्या लगाऊँ?
“यह ले लो..। मेरे पास बोरो अतिरिक्त है, इसे लगाओ! या मैं करूँ?उसने मेरी ओर देखा और कहा, "लगाओ!"

फिर मैंने उसकी पैन्टी उतारी और उसकी नाईटी ऊपर की तो देखा कि उसकी चूत पर खून था। इसका अर्थ था कि वह पहली बार पिछली रात चुदी थी।
मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने पहले किसी से शारीरिक संबंध नहीं बनाए थे?
रीतिका ने कहा, "नहीं, दीदी, मैं इन सभी में नहीं रही।" यार, क्या कर रहे हो?
मैं बस पूछ रहा हूँ।”

और मैंने उसकी नंगी चूत को देखकर अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी। "आहहह हहह ओहह हहह..." उंगली ने खुशी से कहा, "दीदी, क्या कर रही हो?" निकालो आदमी आपने ही अंदर डाल दिया।
मैंने रीतिका से पूछा कि क्या तुम्हारी चूत बहुत मोटी है? आपके भाई ने आपकी चूत में डाल दिया?
- क्या है दीदी? आप भी मज़ा ले रहे हैं!
“बहुत मज़ा आया होगा..। रीति क्यों?हाँ, बहुत!
"कितनी बार?“तीन बार!

अब रीतिका मेरे साथ खुल चुकी थी। तब मैंने उससे पूछा कि क्या आपने कभी लेस्बीयन यौन संबंध बनाए हैं?
नहीं, दीदी, मैंने लेस्बीयन सेक्स की कहानी बहुत पढ़ी है।
मैंने पूछा कि रीतिका, तुमने ये सेक्स कहानी कहाँ से पढ़ी?
तब उसने कहा कि अन्तर्वासना पर कई लेस्बीयन सेक्स कहानियां आती हैं। उसमें पढ़ा गया है। जिसमें बहुत सी लेखिकाएं आपस में भी लेस्बीयन सेक्स करती हैं।
तब मैंने उससे पूछा कि जिस लेखिका की कहानी आपको पसंद है, उसका नाम क्या है?
निशा शर्मा!
तब मैंने पूछा कि क्या उस निशा से लेसबियन सेक्स करना चाहेंगे?
रीतिका ने कहा कि मैंने ऐसा कभी नहीं किया है, लेकिन कोशिश करूँगी। पर वह मिलेगी कहां?

तब मैंने उससे कहा कि मैं ही लेस्बीयन सेक्स करती हूँ।
उसने पूछा, "मजाक क्यों कर रहे हो?"
नहीं। मैं घर चलकर अपने लैपटाप पर, जिसमें मैं लिखती हूँ, अपने साथ हुई घटनाओं को आपको दिखा दूँगी!“आप फिर मेरे साथ करोगी?” वह पूछा।
नहीं। अमित तुम्हें अभी नहीं खोजेगा।“नहीं दीदी, मैंने उनसे बताया है कि मैं दीदी के पास जा रहा हूँ।”

फिर मैं उसे किस करने लगी और हम दोनों ननद भाभी कम्बल पर लेट गए। मुझे भी किस करने लगी। मैं भी गर्म हो गया और वो भी कुछ देर तक ऐसे ही चला।

तभी किसी ने अचानक मेरे कमरे का दरवाजा खटखटकाया, जिससे हम सही हुए और मैंने दरवाजा खोला।
वह भी दरवाजे पर आ गया।

उस दिन हम सब घूमने के लिए तैयार हुए और चले गए।

कुछ दूर निकलने पर रीतिका ने कहा, "दीदी, मुझे बहुत दर्द हो रहा है और मैं नहीं जा रहा हूँ।"
मैंने कहा कि अमित को बताओ कि होटल वापस चलो।
जब उसने अपनी परेशानियों को बताया, तो अमित ने कहा: "ठीक है, चलो वापस चलते हैं।"
हम तीनों वापस होटल आ गए।

मेरे कमरे में रीतिका मेरे साथ आई, जबकि अमित अपने कमरे में चला गया। मैंने कहा: अमित, आओ!
नहीं दीदी, मैं सो जाऊँगा, मेरा भाई कहा।
मैंने कहा: ठीक है!
वह अपने कमरे में चला गया और सो गया।

मैंने सोचा कि यह एक अच्छा अवसर है कि मैं अपनी नवेली भाभी के साथ यौन संबंध बनाऊँगा!
मैं बाथरूम में गया, सूसू करके वापस आया और हम दोनों लेट गए। फिर हम एक-दूसरे के साथ लेट गए। रीतिका ने मुझे कहा कि तुम कपड़े बदल लो!
मैं कपड़े उतार दे रही हूँ, उसने कहा।
बाद में वह अपनी जीन्स उतारने लगी।

फिर मैंने कहा कि मैं अपनी जान दे दूँगा!
हाँ, दीदी, उतार दो।
लेकिन कपड़े उतारने के बजाय, वह भी मुझे किस करने लगी। मैंने उसे काफी देर तक ऐसे ही चलाया, फिर उसे ऊपर किया और उतार दिया। अब उसकी ब्राऊन निप्पल साफ दिख रही थी क्योंकि वह सिर्फ ट्रांसपेरेन्ट काली ब्रा में थी। मैं सिर्फ इसकी ब्रा उतारकर इसकी चुची चूसना चाहता था।

तब मैं उसकी नाभि पर किस करने लगा। ‘दीदी... हाय दीदी...’ करते हुए वह पूरी तरह से मदहोश हो गई। फिर मैंने पैंट की बटन खोल दी और उसे उतार दिया। जो ट्रांसपेरेंट और काली पैन्टी के नीचे था। उसे ब्रा पैन्टी में देखकर मेरे मन में मेरी सुहागरात की याद आ गई।

मैं भी काली ब्रा और पैन्टी में नंगी लेटी थी. मैंने उसको ऊपर से नीचे तक जीभ से चाटा और किस किया, फिर ब्रा और पैन्टी उतार दी। मेरी नवविवाहित भाभी अब मेरे सामने बेड पर नंगी लेटी हुई थी। फिर उठकर मुझे बेड पर किस करने लगी और मेरी साड़ी उतारने लगी।
उसने कहा, "दीदी, आप एक सुंदर व्यक्ति हो!" आपका शरीर बहुत सुंदर है।

और फिर धीरे-धीरे उसने मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया। हम दोनों अब नंगे थे। वह मेरे बूब्स को मसले जा रही थी और एक को चूस रही थी, और मैं भी कुछ देर बाद उसके बूब्स को चूसने लगा। अब उसके चूचे ठोस और तने हुए कुंवारी लड़की की तरह ही थे..। हमने 15 से 20 मिनट तक एक दूसरे का बूब्स चूसा।

रीतिका ने फिर कहा, "दीदी, मैंने कभी लेस्बीयन सेक्स नहीं देखा है।"
मैंने कहा कि आज ऐसा करो!
फिर हम 69 की मुद्रा में आ गए और एक दूसरे की चूत चूसने लगे।
रीतिका ने कहा कि मुझे चूत चटवाने में बहुत मजा आ रहा है, दीदी!
और मैं उसकी चूत को चाटते हुए उठा-उठा रही थी। उसकी चूत का रस बहुत मज़ा आया। हाय! ट्रेन में मिली लड़की अनुप्रिया ही ऐसा रस पीती थी, और आज रीतिका तुम्हारी चूत पीती है।

वह मेरी चूत को भी खा रही थी।

सच कहूँ तो उसकी चूत बहुत सुंदर थी। मुझे बताया कि मैंने शादी के एक दिन पहले ही वैक्सिंग कराया था।
उसकी चूत के हल्के-2 बाल मेरे होंठों में चुभ रहे थे, लेकिन मुझे बहुत मजा आ रहा था।

तब मैंने उसे बताया कि तुम्हारे जीजा को झाँटों वाली चूत बहुत अच्छी लगती है।
और आप?“मुझे क्लीन अच्छी लगती है,” उन्होंने कहा।
और वह मेरी चूत को चाटने लगी।

मैं झड़ने वाली थी, रीतिका, मैं झड़ने वाली हूँ।
और वह उसके मुँह में गिर गया। उसने अपना मुँह हटा लिया और कहा, दीदी, आपकी चूत से बहुत सारा पानी निकल रहा है।
मैंने कहा, "उसे चाट लो, वह बहुत अच्छा लगेगा।"
“दीदी, मैंने कभी चाटा नहीं है।” आप चाटते हैं?
हाँ, मैं बहुत खुश हूँ!
और फिर वह मेरी चूत से निकला रस पीने लगी।

फिर मैं उठकर रीतिका की चूत चूसने लगी। 15 मिनट में वह बहुत गर्म हो गई और चिल्लाने लगी, आह उम्म्ह... अहह... हय... याह..। प्रिय, कृपया कुछ दें।
उसने मेरे सर को पकड़ लिया और मुझे फिर से चूत में धक्का मारने लगी। वह बहुत तेजी से झड़ गई और मेरे मुंह में अपनी चूत का सारा पानी डाल दी। उसकी चूत में इतना रस था!

फिर मैंने अपनी जीभ से रीतिका की चूत का सारा पानी साफ किया, और उसने कहा, "दीदी, रात में आपके साथ लेस्बीयन सेक्स करने से अधिक मज़ा आया!"
वह फिर उठी और मुझे ऐसे किस करने लगी जैसे मेरा पति हो!

फिर क्या हुआ..। वह मेरी चूत को चाटने लगी और कहा, "मेरी जान, तुम्हारी चूत बहुत गीली है, क्या मैं इसे साफ कर दूँ?"
मैंने कहा, "हाँ जानू, गर्मी भी कम करो!"
फिर क्या हुआ? मेरी दुल्हन भाभी मेरी चूत को 15 से 20 मिनट तक चाटने लगी।

रीतिका, मैं मरने वाली हूँ, मैंने कहा।
फिर वह और अधिक तेजी से मेरी चूत में उंगली डालने और चाटने लगी. वह अपनी जीभ भी मेरी चूत में डाल रही थी, जो मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी। जब मैं आखिरकार उसके मुँह में झड़ गया, मैंने कहा, "अअआहहह उउफ हहह ओहहह रीतिका अअआ इई..." और मैंने उसके मुँह में सारा पानी छोड़ दिया. वह भी बहुत खुश होकर मेरी चूत का रस फिर से पिया।

फिर हम एक-दूसरे से चिपककर लेट गए और सो गए।

जैसे ही दरवाजा खटकने की आवाज आई, मैंने साड़ी पहनी और रीतिका को बाथरूम में जाकर कपड़े पहनने को कहा।
मैंने अमित को दरवाजा खोला।

मेरा भाई अमित ने पूछा कि रीतिका कहाँ है?
मैंने कहा कि वह बाथरूम में है!
रीतिका कपड़े पहनकर बाहर निकली।

हमने एक दूसरे को किस किया और कुछ देर बाद अमित बाहर कुछ लेने चला गया। Ritika ने कहा, दीदी, अब हम हर दिन सेक्स करेंगी।
मैंने उत्तर दिया: हाँ, ठीक है।

मैंने उससे कहा कि अब हम लखनऊ में अपने घर में सेक्स करेंगे क्योंकि हम उसी दिन वापस आने वाले थे।
वास्तव में, हमने लखनऊ पहुंचकर दो बार लेस्बीयन सेक्स किया।

अब रीतिका नोयडा में है और 5 दिसंबर को आने पर हम दोनों ननद भाभी फिर से यौन संबंध बनाएंगे।

आपको मेरी और रीतिका की असली लेस्बीयन सेक्स कहानी कैसी लगी? अब अगली कहानी में किसके साथ यौन संबंध बनाया गया, उसे लिखूँगा।

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