गर्ल्स हॉस्टल की लड़कियां
Desisexkahaniya
वाईब्रेटर डिलडो सेक्स कहानी में एक कुंवारी लड़की अपनी सहेली को बताती है कि वह लेस्बियन है। वाईब्रेटर डिलडो भी इस्तेमाल किया, लेकिन इससे चूत की सील बच गई।
आपने कहानी के अंतिम भाग में, हॉस्टल की दूसरी लड़की ने टीचर का लंड चूसा में पढ़ा कि चावला नादिरा को अपने केबिन में बुलवाता है।
वहां से वापस आकर नादिरा खुश होकर सलमा को बताती है कि उसकी भी इच्छा पूरी हो गई है।
सोनिया, रोज़ी और हरप्रीत इन दोनों के पीछे सेक्स कर रहे हैं।
सोनिया उन्हें अपनी कहानी सुनाती है कि उसके एक सहेली ने लेस्बियन संबंध बनाए। हमने शुरू में एक दूसरे को प्यार से छूना, होंठ चूमना और एक दूसरे के बूब्स से खेलना शुरू किया।
वाईब्रेटर डिलडो सेक्स कहानी इसके बाद:
तब बात हमारी चूतों तक पहुंची।
हमने पहले एक दूसरे की चूत को सहलाने से शुरू किया, फिर थूक लगाकर एक उंगली डालकर चूत की गर्मी और आर्द्रता का अनुभव किया।
जब एक उंगली को अंदर बाहर करने में इतना मज़ा नहीं आया, तो दो उंगलियों को एक साथ डालकर कई बार हस्तमैथुन करने में चरम सुख मिला।
जैसा कि आप सब जानते हैं, कुदरत ने इंसान का दिमाग बनाया है कि वह हमेशा कुछ नया चाहता था। यही कारण है कि सेक्स के खेल में हमेशा नई-नई हरकतें करना अधिक मनोरंजनदायक होता है।
फिर हमने एक दूसरे की चूत को चाटना और चूसना शुरू किया, जिससे हमारा मजा बढ़ गया।
जब हमने क्लिटोरिस को चूत के अंदर ढूंढा और उसको छेड़ा, वह वास्तविक मनोरंजन था।
जब हमें पता चला कि लड़की के शरीर का सबसे संवेदनशील अंग यह काम है, तो झड़ना बहुत आसान हो गया।
हम झड़ने लगे, चाहे उसे उंगली से छेड़ दें या उसे चूस दें।
लेकिन लड़की की युवावस्था में चुदने की इच्छा साथ आती है, वह चाहे कुछ भी कर ले, लेकिन अंततः उसे लंड की कमी महसूस होने लगती है, जो हम दोनों के लिए मिलना असंभव था।
हम दोनों ने डिल्डो खरीदने का फैसला किया जब हमने किसी पत्रिका से डिल्डो के बारे में पता चला. हमने सोचा कि असली लंड मिलने से रहा और सबसे सुरक्षित साधन है।
एक बार मैंने इसका उपयोग करते समय अपनी चूत में इतनी सनसनी मची कि मैं खुद को नियंत्रित नहीं कर पाया।
मैं डिल्डो को अपनी चूत से बाहर निकालने लगी, लेकिन मैंने पूरा ध्यान रखा कि डिल्डो की चोट से मेरी चूत की सील न टूट जाए।
सोनिया की बातें सुनकर रोज़ी और हरप्रीत को अपने शरीर में उत्साह आने लगा. वे दोनों एक बार उस डिल्डो पर खेल कर देखना चाहते थे।
तुम्हारे पास अभी डिल्डो है क्या, रोज़ी ने पूछा। मैं भी नहीं चाहता कि आप मुझे दें!
प्रीतो ने कहा कि डिल्डो को कभी नहीं प्रयोग किया क्योंकि मुझे भी असली लंड आसानी से मिल जाता था। मैं भी एक बार इसे पूरा करूँगा। यह भी तो हम दोनों के लिए एक नया खेल होगा।
जवाब में सोनिया ने कहा, "डिल्डो मेरे पास है, ठीक है, और मैं भी सब सहेलियों को दूंगी, लेकिन सबसे पहले मैं उसे सोमवार को रोज़ी दूंगी।" मैं चाहता हूँ कि रोज़ी उसे अपनी चूत में डालकर क्लास अटेंड करे, ताकि वह चूत में लंड डालकर मजा ले सके। वह पूरा दिन किसी लड़के के खड़े लंड पर बैठी रहेगी। रोज़ी के बाद, कृपया उसे ले लो।
रोज़ी ने पूछा: आज क्यों नहीं?
सोनिया ने कहा कि मैं भी सोमवार को तुम्हें बताऊंगी।
रोज़ी ने कहा कि तुम बहुत कमीनी हो गई हो।
सोनिया ने हंसकर कहा, "शरीफ बनने के लिए मैं तुम्हारे जैसे कामुक, लंडखोर, गर्म चूतों के बीच कैसे रह सकता हूँ?"
उसने उठकर सहेलियों को चिढ़ाते हुए कैंटीन की ओर दौड़ा।
सोमवार को रोज़ी ने डिल्डो की मांग करते हुए सोनिया ने उसे कमरे में बुलाया।
उस समय कमरे में कोई और व्यक्ति नहीं था।
उसने कमरे को बंद करते हुए कहा, "पहले तू मेरी चूत में भड़की हुई वासना की आग को इसे चाटकर शांत कर दे, यार, मैं बहुत तड़प रही हूँ झड़ने के लिए।"
वह तो मैं कर दूंगी, रोज़ी ने कहा। लेकिन मैं अपने प्रेमी को फोन करूँ क्योंकि बहुत खुजली हो रही है?
सोनिया ने कहा कि उसे भी बुलवा देना चाहिए; अब किसी को भी लंड मिलता है, उसे अपनी चूत में डाल देना चाहिए। अब तुम अपनी बोली का कमाल दिखाओ! तुम्हारी तरह भूखी शेरनियों से मिलकर मुझे लगता है कि मैंने जीवन में अब तक कितना सुख खो दिया है। मैं नीलिमा को धन्यवाद देता हूँ, जिसने मुझे शुक्रवार की रात को पहली बार महसूस दिलाया कि जीवन में हर संभव मज़ा लेना चाहिए।
रोज़ी ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि तुम सिर्फ बेकार में घबरा रहे हो। वे सीनियर बनने के बाद क्या हुआ? आखिरकार, वह लड़की है।
सोनिया ने कहा, "हाँ, यार, मैं तुम सबको गलत समझ रही थी और अपने आप को सही, मैं अब जाकर पता चला कि मैं कितनी गलत थी।" अब शुरू हो जाओ और मुझे मार डालो!
रोज़ी ने कहा कि मुझे भी झड़ना है। हम एक दूसरे को 69 कर दें?
प्रीतो वॉशरूम से बाहर आई और कहा, "मेरी चूत में भी आग लग रही है, उसका क्या होगा?"
प्रीतो को देखकर दोनों चौंक गईं।
उन्हें प्रीतो को वॉशरूम से बाहर आते देखकर उनका ध्यान ही नहीं चला।
प्रीतो को बताया कि वे उसे हस्तमैथुन करेंगे, उंगलियां नचाकर।
तीनों ने एक-दूसरे के पूरे कपड़े उतार डाले।
रोज़ी और प्रीतो ने चादर ओढ़ते ही दरवाजा खटखटाया।
अब सोनिया को क्या करना चाहिए था?
फिर उसने सोचा कि मैं वार्डन या कोई सहेली जानना चाहता था?
उसने कौन पूछा?
तो बाहर से आवाज आई: आपकी मां, कमरे में कौन है?
सोनिया ने कहा, "मैं, रोज़ी और प्रीतो!"
नादिरा ने सोनिया से पूछा: कमीनियो, तुम तीनों क्या कर रहे हो? क्या द्वार बंद करना पड़ा?
सोनिया ने दरवाजा खोला तो देखा कि सलमा भी नादिरा के साथ खड़ी हुई थी।
उसने दोनों को अंदर खींचा और कहा कि आप भी देखो।
सोनिया ने कहा कि दोनों कुतियों को पहले अपनी मां को चुदाने के लिए कहां गया था।
सोनिया से ऐसे शब्द सुनकर नादिरा हैरान रह गई।
कहाँ शर्मीली, अनछुई गुड़िया अब कामवासना में लिप्त हुई थी और मस्ती करती थी।
वाह रे मेरी प्यारी लौंडिया, बहुत चटर-पटर करने लगी है, उसने सोनिया के बूब्स पर हाथ फेरते हुए कहा। धन्यवाद!
उसने और सलमा ने तीनों सहेलियों को पूरी तरह से नंगी देखा, तो उन्हें भी बुरा लगा।
तीनों ने एक-एक करके सबके स्तनों पर हाथ फेरा, फिर एक-दूसरे को इशारा करते हुए नादिरा और सलमा को भी नग्न कर दिया।
वैसे भी, नादिरा और सलमा सबसे अधिक मज़ा करने वाली थीं क्योंकि वे दोनों आज लेस्बियन ग्रुप सेक्स के मूड में थीं।
बिस्तर पर पांचों नंगी गर्म जवानियां गुत्थमगुत्था हो गईं।
पांचों ने एक दूसरे के स्तन सहलाए, चूसा, चूतड़ों को दबाया और चूचियों को मसला।
पांच जंगली बिल्लियों की तरह, वे एक दूसरी की चूत पर लपलपाती हुई जुबान लेकर भिड़ गए, जब उनकी चूतें पानी छोड़ने लगीं।
आज, बहुत दिनों बाद, उनकी चूत में सनसनी थी।
चारों ने हर एक चूत को बार-बार चाटा।
जब एक लड़की का मुंह किसी की चूत में था, तो दूसरी दो लड़कियां उसकी चूचियों को चूसती थीं, और एक लड़की मुंह पर बैठकर उसकी चूत चटाती थी।
हर लड़की ने सबके चूत रस और बूब्स का आनंद लिया।
वासनापूर्ण मनोरंजन के लगभग एक घंटे के बाद, वे पांचों अपनी-अपनी फड़कती चूतों के साथ आनंदयात्रा पर चली गईं।
इसके बाद कुछ देर की सुखद नींद की आवश्यकता थी।
सोनिया ने बताया कि सोमवार को रोज़ी ने 7 इंच का लंबा, मोटा डिल्डो अपनी चूत में डाल लिया और सहेलियों के साथ क्लास में भागने निकल गई।
वह चलते हुए अपनी भरी भरी चूत से प्रसन्न होती थी।
चलते हुए चूत में किसी के मजबूत लंड का घर्षण महसूस हो रहा था।
आज रस्तोगी सर की क्लास में, रोज़ी बैठे-बैठे अपनी कमर में घुसे डिल्डो के मजे ले रही थी।
उसके पास बैठी नादिरा का ध्यान भी दो बार भटका।
उसने रोज़ी से पूछा कि वह ठीक से बैठ क्यों नहीं रही? पाइल्स से कोई शिकायत है?
रोज़ी ने कहा कि नहीं, मैं आज सोनू ने मुझे एक डिल्डो दिया है जिसे मैं अपनी चूत में घुसेड़ रहा हूँ।
नादिरा ने मुस्कुराकर कहा कि अभी तक उन्होंने सिर्फ सभी असली लंड ही लिए हैं। हॉस्टल आने के बाद मुझे लंड की बहुत जरूरत लगी, इसलिए मैंने दो डिल्डो मंगवाए, जिससे दोनों लड़कियां एक बार में लंड का आनंद ले सकें।
नादिरा की बात ने रोज़ी को गुदगुदी सी कर दी।
तब उसकी चूत में कंपन हुआ और भंवरे की गुंजन जैसा शोर हुआ।
रस्तेगी सर का ध्यान भटका, उन्होंने मधुमक्खी को किधर देखने की कोशिश की?
मधुमक्खी दिखती होती।
रोज़ी की सांसें तेज हो गईं और वह गर्म होने लगी।
उसे यह क्या हो रहा था पता नहीं था?
इससे कंपन समाप्त हो गया।
रोज़ी ने एक शांत सांस ली ही थी कि कंपन फिर से शुरू हुआ।
इस बार वह पहले से अधिक तेज थी।
उसकी पूरी बॉडी उत्तेजना से कांपने लगी, रोज़ी बदहवास होने लगी।
उसकी हालत देखकर नादिरा भी मुस्कुरा रही थी।
रस्तोगी सर ने एक बार फिर मधुमक्खी को देखा और क्लास में बैठी लड़कियों से कहा कि शायद मधुमक्खी कक्षा में घुस गई है, इसलिए किसी को नहीं काटा जाना चाहिए।
रोज़ी ने कहा कि मधुमक्खी मेरी चूत में घुसकर शोर मचा रही है।
लेकिन वह बहुत गुदगुदी से कुछ खुश हो रही थी, कुछ परेशान हो रही थी।
रोज़ी ने इधर-उधर देखा कि नादिरा के अलावा उसकी ओर और कौन-सी सहेलियों का ध्यान है?
वह सारी सहेलियों को शरारत से देखकर हैरान रह गई।
नादिरा ने सबको रोज़ी की परिस्थितियों पर ध्यान देने का संकेत दिया, एक हाथ की दो उंगलियों से चूत बनाकर दूसरे हाथ की बीच की उंगली में डालकर।
सबको लगता था कि रोज़ी ने अपनी चूत में कुछ रखा है।
सोनिया, जिसके हाथ में उस डिल्डो कम वाइब्रेटर का रिमोट था, सारी सहेलियों में सबसे खुश थी।
वह सोच रही थी कि अगर वह कुछ साल पहले वासना की इस अद्भुत दुनिया के आनन्द अतिरेक को समझ गई होती तो वह अभी तक कई असली लौड़ों का आनंद ले सकती थी।
सोनिया ने कुछ देर रुककर फिर वाइब्रेटर ऑन किया।
इस बार वह उसे पूरी गति से चलाने लगी।
वाईब्रेटर डिलडो की सेक्स वासना से रोज़ी बदहवास होने लगी, उसकी चूत में उत्तेजना का तूफान उठा, जिससे वह घोड़ी की तरह हिनहिनाने लगी।
इस बार रस्तोगी सर ने उसकी ओर ध्यान दिया।
उन्होंने पूछा कि आपका शरीर क्यों कांप रहा है? क्या तबीयत ठीक है?
हां सर, लगता है इसकी तबीयत अच्छी नहीं है, मैं इसे हॉस्टल ले जाती हूं, कहा नादिरा।
सर ने मंजूरी दी।
सर, मैं सोनिया को भी ले जाऊं? नादिरा ने पूछा। ठीक है।
हां, ले जाओ, सर ने कहा।
बाहर निकलते ही सोनिया और नादिरा बहुत हंसे।
सोनिया अभी भी वाइब्रेटर को बार-बार ऑन करके रोज़ी की चूत में खलबली मचा रही थी।
रोज़ी चिल्लाई, "अरे मान जा कमीनी, मैं तीन बार झड़ चुकी हूँ, मेरा चूत रस मेरी पैंटी को गीला करके मेरी पिंडलियों तक आ गया है, मैं तेरे हाथ जोड़ती हूँ हरामजादी।"
नादिरा ने कहा, "रोज़ी, मैं इस साली सोनू को खुश करूँगा, वह आज बहुत खुश है!"
सोनिया ने कहा कि मज़ा बहुत बढ़ गया है. यहां आकर लगता है कि निगोड़ा सेक्स एक कुदरत का वरदान है और दुनिया में इससे बड़ा कोई सुख नहीं है। वास्तव में, युवावस्था का सबसे अच्छा समय चुदाई है।
नादिरा ने कहा, बेवकूफ, आज तुम्हारी सील टूटेगी।
सोनिया ने कहा कि मैं तैयार हूँ किसी को चोदने के लिए बुलवाया?
नादिरा ने कहा कि तुम कमरे में जाओ, तुम्हें सब पता चल जाएगा।
नादिरा ने कमरे में आकर दो मुंह वाला डिल्डो निकाला।
सोनिया को दर्द होने लगा।
उसने हाथ छूकर देखा; बिल्कुल असली लग रहा था।
सोनिया ने नादिरा से कहा कि वह किससे चुदवायेगी।
सोनिया ने कहा, "मेरी चूत किसी भी लंड के लिए तरस रही है, लेकिन मुझे अपनी सील असली लंड से तोड़नी है, इस डिल्डो से नहीं।"
रोज़ी ने भी कहा कि हां, नादिरा, सोनू ने सही कहा है कि इसकी सील असली लंड से ही टूटनी चाहिए।
नादिरा ने कहा, "लेकिन इस साली के मन में पैदा हुई वासना को दूर करना तो होगा।"
रोज़ी ने हरप्रीत और सलमा की ओर देखा, उनकी आंखों में कुछ इशारे थे।
जब सलमा और हरप्रीत ने एक दूसरे को देखा, हरप्रीत ने सिर हिलाकर सलमा को आश्वस्त किया कि वह चाहे तो कुछ भी होगा।
डरते हुए सोनिया ने नादिरा से पूछा, "तू मेरे साथ क्या करना चाहती है, हरामजादी?" वह जानती थी कि नादिरा निश्चित रूप से शरारत करेगी।
नादिरा ने कहा कि वह रोज़ी के साथ वही करना चाहती है।
सोनिया ने इस पर कहा, "रोज़ी की तो सील पहले से ही टूट चुकी है।" क्या मेरी चूत में वाइब्रेटर डालने से मेरी सील टूट गई?
नादिरा ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह नहीं टूटेगी।
नादिरा ने हरप्रीत और सलमा से कहा कि वे सोनिया को नंगी करके उसके हाथ पकड़ें!
दोनों ने सोनिया की जींस उतार दी।
सोनिया के शरीर, मैं अपनी सहेलियों की इन हरकतों से बहुत परेशान था।
फिर भी उसने नादिरा से पूछा, "यार, तुम मेरे को क्यों तंग कर रहे हो?" मानें। मैं यह सब अच्छा नहीं मानता।
नादिरा ने कहा, "साली, मेरे सामने बहुत नाटक मत करो।" मैं पूरी तरह से जानता हूँ कि आपको यह सब बहुत अच्छा लग रहा है।
तब उसने हरप्रीत और सलमा से पूछा कि इसके बदन पर ये दोनों कपड़े क्यों छोड़ दिए? उतार उन्हें भी! पूरी तरह नंगी होकर उस दिन मोमबत्ती लेकर गया।
सलमा और हरप्रीत ने सोनिया की पैंटी और ब्रा भी उतार दी।
जिस रात वह मोमबत्ती लेकर गई थी, सोनिया की चूत झांटों के जंगल में छुपी हुई थी, लेकिन आज उसकी चूत चिकनी और कमसिन लड़की की तरह चमक रही थी।
कथा के अगले अंक में पढ़िए कि सभी सहेलियां मिलकर सोनिया और अपनी वासना को शांत करने के लिए क्या करती हैं?
और भी बहुत कुछ जो आपको चौंका देगा।
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