पुराने शौक नए साथी

Jan 6, 2026 - 11:57
Jan 6, 2026 - 12:08
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पुराने शौक नए साथी

इसके बाद एक लड़की की कहानी शुरू होती है, जहाँ वो दूसरी लड़की के साथ जुड़ती है।
पायल के पास जाकर मैं बैठ गई, फिर धीरे से झुकी और एक-एक कर उसकी छाती के निप्पलों को होंठों में लेकर चूसा।
एक हाथ से वो उसकी चूत को हल्के-हल्के छूने लगी।
मुंह से पायल की आवाज़ फूटी - ‘आ आआह हहह … भाभी’।
थोड़ी देर बाद मैंने पायल की चूचियों से मुंह हटा लिया। फिर धीरे से सीधी होकर उसके सामने खड़ी हो गई।
खिड़की मेरे पीछे थी।
पैरों को इधर-उधर करते हुए मैं पायल के पैरों के पास आई। घुटनों के बल झुककर सामने जा बैठी, तो मेरी छाती पायल के मुंह के सामने आ गई।
पायल ने अब मेरी छाती का एक हिस्सा लिया, फिर धीमे से चूसना शुरू किया।
मेरी बांहों में पायल का सिर था, धीरे-धीरे उसने चूचियां चूसनी शुरू कर दीं।
थोड़ा वक्त ऐसे ही दूध पिलाने के बाद मैंने अपना शरीर सीधा कर लिया।
मेरी चूत अब पायल के मुँह के आगे थी।
फैले पैरों के साथ मैंने दीवार पर हथेली टिकाई, कमर झुकाई तो चूत सीधे पायल के मुँह के बस ऊपर आ गई।
आगे झुककर पायल ने मेरी चूत पर होठ चिपका दिए। उसके बाद पीछे की ओर हाथ भेजकर गांड को छूते हुए वो चाटने लगी।
मैं सिसक उठा - आह हहह… हाँ… पायल आआ आ आआ आहहह… कृपया, और जोर से चाटो… आआहह हह… पाय!
हवा में सिसकियाँ भरते हुए मैंने आवाज़ को थोड़ा खींचा, ताकि बाहर वाली झुपड़ी में भी सुन पाएं ससुर।
पायल का एक हाथ मेरी चूत के हिस्सों को खींच रहा था। उसकी जुबान ठंडे लेप की तरह फिसल रही थी। कभी-कभी वह अपनी जीभ सीधे भीतर तक धँसा दे रही थी।
दीवार से टिकी, मैं जांघें अलग किए, कमर डोलाते हुए, सिसकती हुई चूत पर उँगलियां फेर रही थी।
लगभग पाँच मिनट तक ऐसे ही चूत चटवाने के बाद अब सहन करना मुश्किल हो गया।.
एक हाथ से उसके सिर को पकड़कर मैंने खुद को पायल के ऊपर धकेला। तभी मेरे होंठों से आवाज़ फूटी - आआ आह हहह हह हहहह… पायल… आआ आ आहह हहह!
कमर को अचानक झटका लगा, और फिर वहीं पलक झपकते मेरे भीतर से गर्माहट उबलने लगी।
पायल ने मेरी चूत के सारे पानी को अपनी जीभ से लपलपाकर साफ किया।
थोड़ी सांस लेने के बाद, मैं पायल के पास जा कर लेट गई।
इसके बाद मैंने संकेत किया कि पायल मेरे ऊपर चढ़ जाए।
फिर पायल मेरे करीब से उठी, घुटनों को मोड़कर पैर फैला दिए। वह मेरे होंठों के बगल में जम गई। अपनी चूत धीरे से मेरे मुंह पर टिका दी।
खिड़की की ओर पायल के मुँह का रुख था।
पायल नीचे लेटी थी, मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया। उधर, मेरे दोनों हाथ धीमे-धीमे उसकी जांघों पर फिर रहे थे।
पायल की उँगलियाँ कमर पर नाच रही थीं, वो मुड़कर चूत चटवा रही थी।
मुंह से आवाज़ आई, ऐसे जैसे कोई दर्द हो।
कभी-कभी मैं अपनी जीभ पायल की चूत में गहरा ले जाकर हिलाने लगती। इसी बीच उसके मुँह से ऊपर की ओर आवाज आने लगती।
थोड़ी देर चुपचाप रहने के बाद पायल ने एकदम से अपनी गति बढ़ा ली। उसके होंठों से आवाजें फूटने लगीं - आआ आह हहह… भाभीई ईई ईईई… आह हहह… तेज, भाभी… और थोड़ा औररर तेज डालो, आआह हहह भाभी!
अचानक पायल ने कमर हिलाई, मेरा मुँह उसकी जांघों के बीच आ गया।
सिसकारी छूट पड़ी पायल के मुंह से - आआआ आआह ह हहह… भाभीई ईईई ईईईई ईई ईईई!
फिर वो हल्के से तर हो गई।
मुझ पर बैठते ही पायल का सांस तेज़ हो गया।
हंसते हुए मैंने उसकी पीठ पर जोर से हाथ मारा। फिर बोला - उठने का मन है तेरे अंदर, वरना पेशाब भी पिला दूंगा।?
हँसते हुए पायल उठी, मेरे पास आकर लेट गई।
थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहने के बाद पायल खड़ी हुई। फिर मेरे ऊपर झुक गयी। एक मजबूत किस दे दिया।
जब कर चुकी थी पायल, तभी उसने एक हाथ से अपनी चूची थामी। फिर धीमे से निप्पल को मेरी चूची के सहारे घिसा।
मैंने हाथ बढ़ाया, और धीरे-धीरे अपनी चूची को पकड़ लिया। फिर पायल की चूची के पास ले गया। निप्पल एक-दूसरे से छूने लगे। घिसटने लगे। ऐसे में एहसास बढ़ गया।
कभी-कभी हम धीरे से उन्हें छूते हुए, पास आकर मुंह मिला लेती थी।
थोड़ी देर तक एक-दूसरे की चूचियाँ रगड़ते रहने के बाद पायल ऊपर को उठ बैठी।
उसने खुद के हाथों से मेरी जांघें अलग की, फिर उनके बीच जगह ले ली।
फिर वो पैर फैलाकर उल्टी दिशा में जमीन पर आ गई। एक पैर मेरे पैर को घेरते हुए, दूसरे पैर से कैंची-सी ढंग बनाकर लेट गई। उसकी चूत मेरी चूत से चिपक गई।
थोड़ी देर बाद, हम दोनों ने कमर हिलाकर एक-दूसरे से चूत रगड़ना शुरू कर दिया।
अचानक हम दोनों के होठों से आहें… हहहह… आआह्हह्हह्‍ह में बदलती सिसकियाँ फूट पड़ीं।
एक बार जब दोनों की चूत से पानी निकल गया, तो फिर उसी दिन दोबारा ऐसा होना मुश्किल था।
थोड़ी देर तक वैसे ही चलते रहने के बाद, लगभग पंद्रह मिनट बाद, मैंने अपनी धुन में बदलाव किया। कमर के झटके तेज हो गए, घरघरा उठी चूत की रफ़्तार।
थोड़ी देर बाद पायल का कमर हिलने लगा, तेजी से।

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सांसें तेज हो चली थीं, मैं और वह - दोनों के होठों से सिसकारी का आवाज आया।
अचानक मेरी चूत से पानी निकलने लगा, कमर तेजी से हिल रही थी।
पायल की चूत तेजी से रगड़ते हुए उसका सिर पीछे झटका। करीब बीस सेकंड बाद उसके होठों से लयबद्ध सिसकारियाँ छूटने लगीं - आआ आ आआआ हहह हह ह!
इसके बाद उसने कमर को कई बार ज़ोर से हिलाया, और वहाँ से पानी टपक पड़ा।
थकान से चूर हम वहीं गिर पड़े, सांसें भारी-भारी आ रही थीं।
थोड़ी देर के बाद, जब हालत सामान्य होने लगी, पायल मेरे पास आकर लेट गई। वहीं, बिना कपड़ों के, हम दोनों एक-दूसरे से सटकर सो गए।
अगली सुबह आंख खुली तो कपड़े पहनने के बाद थोड़ी देर तक बिस्तर पर बैठकर सोच में पड़ गई - अब ससुरजी से क्या कहूंगी।
आज सोनू के आने की बात थी, इसलिए।
उस वक्त मुझे लगा, सास के पति के बारे में कुछ जानना ज़रूरी है।
दो दिन पहले तक तो मज़े करने की बात थी, सोनू के आने पर कुछ हलचल होगी। फिर भी, अब तक इसपर कोई चर्चा नहीं हुई।
उस दिन मैंने उनसे हम दोनों के बारे में झूठ कह दिया था, पर मन में ख्वाहिश थी कि सोनू के पहुँचने से पहले थोड़ा और बयान कर दूँ, इससे बातचीत आगे चलकर ढीली-ढाली हो जाए।
साफ था कि अगर उन्हें मेरे और सोनू के बारे में पता चल जाता, तो ख़ुशी कम नहीं होती।!
उस कमरे में क़दम रखने से पहले, मेरे ज़हन में फैसला तय हो चुका था - सोनू के बारे में बात करूँगी। शायद वो अपने आप कुछ खोल दें, जो छुपा हुआ है।
मैं उन्हें खुद के बारे में भी कुछ और बता दूंगी, सोनू के बारे में तब जाकर।
जब मैं उनके कमरे में चाय लेकर गई, तो देखा कि ससुर जी अभी-अभी आँखें खोलकर बैठे थे।
जब मैं पहुँचा, तभी वो हाथ-मुँह साफ करने के लिए नहाने के कमरे में चले गए।
बाहर निकलते ही मैंने सवाल किया - आज उठने में इतनी देर क्यों हुई, और वैसे बताओ, दूसरा सरप्राइज़ कैसा लगा?
उस दिन सुबह-सुबह ससुर जी मेरे कमरे में घुसे। अचानक पीछे से गले लग गए। मैं हिल भी नहीं पाई। उन्होंने मेरे होंठों पर तेज़ी से किस कर लिया।
होंठों को लगभग 20 सेकंड तक चूसने के बाद सीधा होकर बोले - बेटा, मज़ा आ गया! पलक झपकते ही ऐसा लगा मानो सपना देख रहा हूँ। अभी भी यकीन नहीं हो रहा। पिछले दो दिन से महसूस हो रहा है जैसे कोई ख्वाब में घूम रहा हूँ। कल रात का नज़ारा देखकर तीन बार लंड हिलाया, फिर आँख लगी। इसी वजह से उठने में ढेर सा वक्त लग गया।
मैं हँसते हुए बोली - सोचिए, अभी तो वो खिड़की के पास झांक रहे हैं। उस दिन क्या होगा जब मैं और पायल दोनों आपके कमरे में बिना कपड़ों के खड़ी होंगी!
सास ने सांस लेते हुए कहा - उसी वक्त की तो प्रतीक्षा है बच्चा!
मुस्कान छलकती थी, कहा - हां पर अब थोड़ा और रुकना पड़ेगा, सोनू आज मुझे लेने आ रहा है। शाम को निकलूंगी मैं। वापस आने के बाद ही कुछ संभव हो पाएगा।
अचानक ससुर बोल पड़े - आज इतनी जल्दी क्यों जा रही हो? एक दिन और ठहरने को कहो सोनू से। उधर, कल सब मिलकर वापस चले जाना।!
ये तो मेरी ही इच्छा थी कि ससुरजी ने सोनू को रुकवाया।.
थोड़ा सा झझकते हुए मैंने कहा - मालूम नहीं, क्या सोनू ठहरेगा बिल्कुल। असल में, वो रुक भी जाए तो क्या करेगा, शाम को फिर चला जाएगा।
थोड़ी देर रुकने से क्या हो जाएगा, ससुर जी। बस कह दो, मैं रवि से बात कर लूँगा। वक्त गुज़रेगा तो बातें होंगी, खाना भी साथ खाएंगे, मज़ा आएगा।
मुस्कान लिए बोली, "इतना मज़ा कैसे आएगा सोनू के साथ, पकड़ नहीं आया।"?
हल्की मुस्कान के साथ ससुर जी बोल पड़े - थोड़ी गपशप होगी मेरी उसके साथ, पता लगेगा वो तुम्हारे साथ किस-किस बात पर चलना चाहता है। बातचीत में मजा तो आएगा ही।!
मैं बातें करते हुए ससुर जी की लुंगी को थोड़ा सा खिसका दिया। फिर उनके लंड को हाथ में पकड़ लिया। आहिस्ता-आहिस्ता उसे हिलाने लगी। धीमे-धीमे मुट्ठ भी चलाने लगी। इसी बीच बातचीत भी जारी रखी।
उधर ससुर जी का हाथ मेरी कमर पर आ गया, वो खींचकर मुझे अपने पास लाए। बातें करते-करते उनकी आवाज़ में खुशी झलक रही थी।
मैं हंसते हुए बोली, सीधा पूछ लोगे क्या तुम अपनी बहन के साथ सोना चाहते हो? फिर वो आश्चर्य में पड़कर पूछेगा, ये बात तुम्हें कैसे मालूम? मुझे जवाब देना पड़ेगा, तुम्हारी बहन ने बताई, जिसके साथ मैं हर रोज सोता हूँ।
ससुर जी ने सोचते हुए कहा - हाँ, ऐसा ही है... कहीं अगर ये बात खुल गई, तो शायद वो नाराज़ हो जाए। फिर घरवालों को पता चल गया, तो सब उलटा हो जाएगा। इसलिए छोड़ देते हैं। वरना जो मज़ा अभी आ रहा है, वो भी खत्म हो जाएगा।
उनके चेहरे पर बैठी बात से मेरे मन में यह डर सिमट गया कि कहीं ससुर जी हमारे पूरे इरादे को अधूरा न कर दें।
मैंने हँसते हुए कहा, इतना घबराओ मत। वो सोनू है, उसे मैं बेहतर जानती हूँ। तुम्हारे डर के बिलकुल उलट होगा कुछ। पता चलने पर वो गुस्से में नहीं, खुशी से झूम उठेगा।
अचानक ससुर जी के मुँह से निकल पड़ा - ये हो भी सकता है? ऐसा कहने का दिल कैसे कर रही हो?
मुस्कान लिए मैंने कहा - ओह, वो मेरा भाई है। सच जानती हूँ मैं, क्या चीजें उसके दिमाग को छू जाती हैं।!
अब तो ससुर जी के चेहरे पर से टेंशन गायब हो गई। वो मुस्कुराए, फिर बोले - पूरा मामला सुनाओ हमें भी। ऐसा लगता है, कुछ बातें छुपा रही हो तुम हमसे!
बस यही तो चाहती थी, मौका मिल गया - अब सोनू और मेरे बारे में कुछ बोल पाऊंगी।!
फिर मैंने हल्के से हँसते हुए पूछा - ठीक है, तो आपको यह क्यों लग रहा है कि मैं आपसे कुछ छिपा रही हूँ।
ससुर जी के चेहरे पर मुस्कान थी, धीरे से बोले – कुछ तो बात है, लेकिन समझ नहीं आ रहा। बात छिपाओ मत, सच जानने में ही मज़ा है। उनकी आवाज़ में उत्सुकता थी, जैसे कोई राज़ खुलने वाला हो। खुद भी हल्का सा हंस पड़े, और आगे बढ़ाया बात को।
मुस्कान के साथ आवाज़ उठी - पूछिए, क्या जानने का मन है?
बहू के पिता ने पूछा - यह बताओ, सोनू तुम्हारे साथ कौन-कौन सी बातें करता है?
हँसते हुए मैंने कहा - वो तो मैंने पहले ही बताया था, रातों में छिपकर मेरी चूची व गांड को छू लेता।!
बहू के पिता बोले - अब बताओ, वो और क्या-क्या समेट लेता है?
मैंने मुस्कान के साथ कहा - अगर सच बोलूँ, तो कभी-कभी कुछ भी नहीं हो पाता, पर रात के वक्त उसके साथ ऐसा कुछ होता है जो बड़ा अजीब है।!
आँखों में चमक उतर आई ससुरजी की, मेरी बात सुनकर। फिर वही लंड अपने आप हिलने लगा, ऐसे जैसे कोई धुन पर झूम रहा हो।
उनके चेहरे पर खुशी थी, कहा - ये क्या मतलब है? सारी बात समझाओ।
वो बोली, हँसते हुए उसके लंड को हिलाते हुए - अचानक इन महाराज को मेरी और सोनू की बात सुनकर खुशी का पलटा दिख गया।!
थोड़े सेकंड तक खामोश रहने के बाद वो मुस्कुराई। फिर बोली - असल में, बाद में सोनू को पता चल गया था कि मैं उस रात के कदमों के बारे में जानती हूँ। अब उसकी हर छुपी आवाज़ मुझसे छिपी नहीं थी। धीरे-धीरे उसने डर छोड़ दिया।
उनके ससुर ने जिज्ञासा भरी आवाज़ में पूछा - तुमने यह कैसे समझा कि वह तुम्हें अपनी शरारत का पता है।
हाँ वो ज्योति… जिसे मैंने पिछली बार तुम्हारे घर चलकर लायी थी।!
उस बात को लेकर ससुर जी के ज़हन में कुछ यादें तैर रही थीं।
उनके मुँह से हँसी निकल गई - अरे, वो तो बिलकुल ताज़ा है याद में। उस शाम खुद सोनू ने उसे मेरे बिस्तर पर धमाल मचाया था। ऐसा कैसे भूलूँ?
उस दिन ससुर जी के घर पर क्या हुआ था वो कहानी आप
पापा के दोस्त के साथ मस्ती- 2
लेकिन तुम पढ़ सकते हो, बस क्लिक कर दो।
इस कहानी का अंत अब तक नहीं हुआ।.
मेरे ईमेल और टिप्पणियों में आपका ख़्याल रखते हुए वो कहानी जो लड़की-लड़की के बीच है।.

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