तीन लड़कों ने मिलकर छोटी बहन का शोषण किया।
Desisexkahaniya
एक दिन मेरी छोटी बहन घर पर अकेली थी। मैं वापस आया तभी देखा, मेरे दो यार उसके साथ कमरे में थे। वो तैयारी कर रहे थे, ऐसा लग रहा था जैसे कुछ होने वाला है। मेरा नाम अनुज है। उम्र 22 साल है। कॉलेज में पढ़ाई चल रही है।.
एक छोटे से शहर में पला हुआ हूँ, हरियाणा की मिट्टी से।.
घर पर माँ के साथ रहती हूँ मैं, तिहरा साथ है - मैं, वो और छोटी बहन रूही।.
सुबह-सुबह मैं एक दुकान पर काम करने लगा, क्योंकि पिता के जाने के बाद घर का भार मेरे कंधों पर आ गया।.
उम्र के लिहाज से रूही अठारह साल की हो चुकी है। पढ़ाई में वह कक्षा बारहवीं में दाखिल है।.
रूही मेरी छोटी बहन है। कई लड़के उसे देखकर मोहित हो जाते हैं। उसका शरीर घना है, थोड़ा गोल-मटोल। स्तन और नितंब आउटलाइन बनाते हैं कपड़ों के ऊपर। कोई भी ऐसी लड़की के पास जाकर बस इतना ही सोचेगा - इसे छुए बिना रह पाना मुश्किल होगा। .
एक शाम को मैंने अपनी बहन रूही को देख लिया, वो मेरे घर में ही थी। पड़ोस के कुछ लड़के उसके साथ थे, जिनमें से कई मेरे दोस्त भी थे। वो लड़की जिसे मैं जानता था, वहीं उन सबके बीच में थी।
इस कहानी को पढ़ने से आपको अच्छा लगेगा। जैसे मैंने कहा था, सुबह-सुबह मैं दुकान पर जाता हूं, उसके बाद कॉलेज।.
संध्या में अचानक किसी चीज़ की ज़रूरत पड़ने पर बाहर की ओर कदम उठाना होता है।.
अगर ऐसा न होता, तो मैं अपने मोहल्ले के राहु-मोहित के साथ क्रिकेट खेलने चल पड़ता।.
शाम ढलते ही रूही कदम बढ़ा देती है कोचिंग की ओर।.
सुबह-सुबह राहुल व मोहित कदम रख देते हैं मेरे घर पर। हर दिन की तरह क्रिकेट का डंडा लेकर चल पड़ते हैं वो दोनों। रास्ते में मुझे साथ लेने आ जाते हैं ये दोस्त।.
जब भी वे मेरे घर पहुँचते, निगाह सीधे रूही पर टिक जाती।.
पहले तो मैंने इसकी अनदेखी कर ली थी।.
लेकिन फिर भी, कभी-कभी ऐसा होता कि जब मैं घर पर नहीं होता, तो लोग वजह ढूँढ़कर आ जाते।.
इधर मैंने उसे सिर्फ आम तौर पर देखा।.
शाम ढलने के बाद ही मेरी मम्मी घर पहुँच पाती हैं, क्योंकि वो नौकरी करती हैं। इसी वजह से घर में उनका समय कम रह जाता है।.
शाम के समय फोन की घंटी बजी। मौसी के बेटे का आवाज़ था। वह बोला, तबीयत अचानक गिर गई है। पल भर में सब कुछ बदल गया।.
अगले दिन की सुबह, मैंने मम्मी के साथ मौसी के घर जाने की बात शुरू कर दी।.
थोड़ी दूर पर स्थित मेरी मौसी का घर था, इसलिए रात गुजारनी पड़ी वहीं।.
शाम ढलते ही मैं और माँ अपना काम निपटाकर मौसी के घर जाने लगे। बस स्टॉप पहुँचने में देर नहीं हुई।.
तभी दुकानदार का फोन आ गया। वह बात करने लगा, ज़रूरत की चीज़ें बताने लगा। मैंने माँ से कह दिया - अकेले चली जाएँ मौसी के घर। खुद दुकान पर पहुँच गया।.
घर वापसी पहले ही काम समाप्त हो चुका था।.
खुला हुआ था मेन गेट, घर का।.
अंदर के रास्ते में पैर पड़ा।.
अंदर पैर रखते-रखते सुनाई दिया, रूही के कमरे से किसी लड़के की आवाज।.
राहुल का स्वर ये था।.
उसने रूही की ओर देखकर कहा - आज शाम कुछ अलग होने वाला है।.
सुनते ही मैं घर से बाहर निकल पड़ा। पीछे की ओर चलता गया, आवाज नहीं की। राहुल क्या बोल रहा है अपनी बहन के साथ, यह देखना ज़रूरी लगा।.
खिड़की के पास पहुँचते ही मैंने देखा, पीछे के कमरे के साथ बाउंड्री वाल भी थी।.
खिड़की में झाँकने की कोशिश मैंने की।
खिड़की बेडरूम की तिरछी पड़ी थी, इसलिए भीतर के सभी चीजें मेरी नजर में आने लगी।.
अंदर झांकते ही सब कुछ धुंधला हो गया।.
उस शाम, राहुल ने रूही के होंठ छुए। वो धीमे से बोला - आज की रात खत्म होने वाली नहीं है।.
उसके साथ मेरी बहन को चुंबन का आनंद मिल रहा था।.
उसके हाथ उसकी कमर पर थे। फिर वो धीरे से आगे बढ़ा। एक पल में, दोनों के शरीर नजदीक आ गए। वैसे, हवा भी तब ठहर सी गई लगती थी।.
गुस्सा आया जब मैंने देखा कि मेरी बहन राहुल के साथ सेक्स के लिए सैट हो गई। फिर यह ख्याल आया - वो भी अब बड़ी हो चुकी है, शायद उसके मन में भी कुछ इच्छाएँ हों। ऐसे में उन्हें वैसा करने देना ठीक होगा जो वो करना चाहते हैं।.
मन में यह ख्याल आते ही, एक छिपी हुई इच्छा ने सिर उठा दिया। फिर मैं अपनी बहन को चुदते देखने के लिए बेचैन हो गया।.
मन में यह तय हो गया था कि अब वो दोनों एक-दूसरे के साथ सेक्स करते हुए मैं आड़े नजरों से देखूंगा।.
थोड़ी देर साली-भाई की गले मिलने के बाद, राहुल ने धीरे से उसकी शर्ट खींच ली।.
तब मैंने देखा, रूही के स्वेटर के नीचे ब्रा गायब थी।.
एकदम अचानक मुझे एहसास हुआ - ये सब पहले से तय था।.
जब रूही ने अपना शर्ट उतारा, तभी उसके स्तन हवा में इधर-उधर हिलने लगे।.
उसकी बहन के हाथ में दूध का प्रभाव साफ नजर आता था।.
मेरा लंड उन्हें देखते ही सहलाने लगा।.
उसी पल राहुल ने एक हाथ से रूही के स्तन को जकड़ लिया। उधर, मुँह ने दूसरे को चूस लिया। इधर, उसका दूसरा हाथ रूही की जांघों के बीच सरक गया।.
उसने मेरी बहन की चूत पर, उसके लोअर के ऊपर से, हाथ फेरना शुरू कर दियa।.
फिर अचानक दरवाज़ा टटोलकर मोहित भीतर घुस आया।.
मोहित के अंदर आते देख मैं हैरान रह गया। फिर भी, रूही और राहुल को ऐसा कुछ नहीं लगा, उलटा वे मोहित को देख खुश हो गए। मैंने धीरे से रूही की ओर देखा। अचानक ख्याल आया - जिसे मैं छोटी बहन समझता था, वह अब एक से ज्यादा लड़कों के साथ घुल-मिलने लगी है।.
खुशी से चेहरा चमक रहा था रूही का। देर से पहुंचने पर राहु ने मोहित को डांटा, "तू कहां फंस गया था इतनी देर?" उसके भाई और माँ के बारे में पहले ही जानकारी दे चुकी थी रूही। फिर भी तूने इतना समय लगा दिया?
मोहित ने कहा - हाँ भई, कुछ पल के लिए काम आ गया था। तभी सब हुआ देर।.
मोहित अब रूही के साथ उसकी बहन के पलंग पर आ गया।.
उसने कहा, जबकि मेरी बहन रूही के दूध पर हाथ फेर रहा था - आज तुझे खूब जमकर चढ़ाएंगे… और तेरी गांड को ऐसा उपयोग करेंगे, मानो वो सिर्फ हमारे लिए बनी हो।.
मेरी बहन के चेहरे पर खुशी आ गई, जब उसने सुना कि लड़के उसके साथ क्या-क्या करना चाहते हैं।.
तभी रूही बोल पड़ी - मैं तो बहुत देर से तैयार हूँ, फिर भी तुम्हारे आने में इतना वक्त लग गया।.
तभी मोहित एकदम से उछला। रूही के कपड़े का निचला हिस्सा उसके हाथ में आया, झट से खींच दिया।.
जब रूही ने पीछे की ओर हिलना शुरू किया, तो नीचे का कपड़ा सरक गया।
जैसे ही मैं नीचे आया, मेरी नज़र बहन पर पड़ी। उसकी पैंटी तक नहीं थी। ऐसे में वो बिल्कुल खुली छोड़ दी गई थी।.
मैंने जब उसकी चूत देखी, मेरा लंड सीधा हो गया।.
रूही की चूत पूरी तरह से फैली हुई थी, मखमल जैसी नरम। वो अपने हाथों से उसे छूने लगी, आँखें उन दोनों पर टिकी थीं, जीभ धीरे-धीरे होंठों पर घूम गई।.
इस तरह वो लग रही थी मानो कोई सेक्स वर्कर हो।.
अचानक मोहित की नज़र उस पर पड़ी, फिर वह और राहुल धीरे-धीरे कपड़े उतारने लगे।.
वो अपने सभी कपड़े फेंक दिए, शरीर नंगा करके लंड को हाथ से पकड़ते हुए बहन की ओर घूरने लगे। मोहित और राहुल के लंड देख मैं स्तब्ध रह गया - इतने मोटे, इतने लंबे… ऐसे में तो आज ये दोनों मेरी बहन की चूत को बर्बाद कर देंगे।.
करीब सात इंच का हिस्सा राहुल के पास था। मोहित के पास छह-आधा था।.
लंबाई के साथ-साथ वो दोनों काफी मोटे भी थे।.
आगे बढ़कर राहुल ने मेरी बहन को बिस्तर पर गिरा दिया। उसके मुँह में अपना लंड ठूस दिया। फिर चिल्लाकर बोला - तू झट से चूस, हरामखोर।
मोहित ने भी पलटकर देखा नहीं, सीधे रूही के योनि पर मुँह ले गया।.
उसकी हालत देखकर मन में रूही के लिए तरस जग उठा।.
फिर भी, रूही को हर पल अजब सुकून दे रहा था।.
मुँह में उतरते हुए, रूही ने राहुल के लंड को गले तक समेट लिया।.
मोहित की जीभ धीरे-धीरे रूही के अंदर तक पहुँच गई।.
थोड़ी देर में राहुल का धैर्य टूट गया। उसने रूही के होंठों पर अपना सब कुछ उंडेल दिया।.
थोड़ी देर में रूही का भी ओझल होना शुरू हो गया। उसकी योनि से सफ़ेद तरल बूंद-बूंद छलकने लगा।.
थोड़ी देर बाद वो फिर से चूसने लगा। पचास मिनट तक यही होता रहा। कभी-कभी रुकावट आई। एक बार खींचकर छोड़ दिया। धीमे हाथों से काम चल रहा था।.
तभी वो तीनों हवा में झूलने लगे, सिगरेट के धुएं में ठहाके छोड़ते हुए। मेरी बहन ने भी सिगरेट जलाई, फिर मोहित के लिए आगे बढ़कर उसका लंड चूसने लगी।.
इसके बाद मोहित ने धीरे से मेरी बहन को लेटा दिया। उसकी पीठ के नीचे एक गद्दा रख दिया गया था।.
उसने रूही की जांघें अलग कीं, उंगली चलाते हुए चूत में सरका। रूही के पैर खुद-ब-खुद हवा में ऊपर उठ गए, फैल गए।.
मोहित के सामने उसकी चूत बिल्कुल खुल चुकी थी।.
मोहित का लंड बहन की चूत पर आया, फिर उसने तेजी से धक्का दे दियa।.
एक झटके में वो पूरा लंड मेरी बहन की चूत में घुसकर नाभि तक पहुँच गया।
एक धमाके के बाद मेरी बहन के मुँह से आहट सा निकल पड़ा।.
एक बात समझ आई कि मेरी बहन पहले ही ऐसा कर चुकी थी। इसलिए जब रूही ने उस बड़े लंड को अपनी चूत में लिया, तो उसे बिल्कुल दर्द नहीं हुआ।.
मोहित के लंबे हथियार ने धीमे-धीमे मेरी बहन पर कब्जा कर लिया।.
उसने मेरी बहन को पलक झपकते ही ऐसा झटका दिया।
लड़के के तेज धक्कों से मेरी बहन के स्तन हिलने लगे।.
सांसें तेज हो गई थीं। रूही के होठों से धीमी आवाज छलक पड़ी - ऊँह… ओइ…
मोहित ने वहीं रुककर मेरी बहन को लगभग बीस मिनट तक चोदा। अंत में उसने सब कुछ उसकी चूत में ही डाल दियa।.
बहन के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद वह धीरे-धीरे कपड़े पहने और घर से बाहर निकल गया।.
फ़ोन बजा, तब वह जुड़ाव में थे। एक और बार आवाज़ आई, फिर सन्नाटा हो गया।.
राहुल धीमे से कमरे में घूमा, उसकी छाया दीवार पर डोल रही थी। वह एक कदम आगे बढ़ा, फिर दूसरा। उसने हाथ उठाए, लेकिन कुछ नहीं बोला। मेरी बहन की जगह अब अलग थी।.
वो मेरी बहन की हर टांग को कंधे पर लेकर खड़ा हो गया। लंड धीमे से चूत के ऊपर आ गिरा।.
एकदम से, राहुल ने रूही की जांघों के बीच घुसपैठ कर दी।.
चुपचाप वो खड़ी रही, बहन का मुंह एकदम सन्न। हल्की मुस्कान तैर गई गालों पर, ऐसे जैसे किसी ने राहुल के लंड की बात की हो और रूही को यार-गार न हो।.
उसके बाद राहुल ने मेरी बहन को उसी हालत में तकरीबन दस मिनट तक जारी रखा। फिर वो भी खत्म हो गया।.
अचानक दरवाज़े पर धमाका हुआ। मोहित अंदर कूदा, सांस फूली हुई थी।.
उसके साथ सुमित भी वहाँ पहुँच गया।.
वो लड़का जिसका नाम सुमित था, मेरे घर के बगल वाले मकान में रहता था।.
जब उसके पैर घर के अंदर पड़े, तभी मेरी बहन के चेहरे पर खुशी और गहराई।.
उसने कहा - अच्छा, सुमित भैया, आखिरकार आप ही आए।.
इस बात पर मुझे झटका-सा लगा कि वो अब बिलकुल खोखली हो गई है।.
थोड़ी देर में सुमित भी बिल्कुल नंगा हो गया। उसका लंड रूही के मुँह में जा पहुँचा, वह धीरे-धीरे चूसने लगी।.
थोड़ी देर मुंह में लंड लेने के बाद रूही बिस्तर पर लेट गई, टांगें अलग कर दीं। खुली चूत देख मोहित फिर से नंगा हो गया। उसकी छड़ मेरी बहन की गरम चूची में घुस गई।.
लेकिन मेरी बहन पहले ही कई लंबे समय तक रह चुकी थी।.
अब उसे मोहित के बड़े लंड से भी कोई दिलचस्पी नहीं थी।.
रूही ने मोहित का लंड अपनी चूत में डाला, फिर वापस हटकर सुमित का लंड चूसने लगी।.
थोड़ी देर में ही मेरी बहन ने सुमित के लंड को सीधा कर दिया।.
वो लंबाई में किसी अफ्रीकी पुरुष के साथ ही तुलना में आ सकता था।.
अगर उसकी लंबाई की बात करें, तो सुमित का हथियार लगभग आठ इंच जितना होगा। पतला-पतला नहीं, मोटापन भी काफी था।.
लगता था कम से कम इतना ज़रूर है कि सुमित की माँ ने कहीं बाहर के किसी आदमी से मिलकर उसे जन्म दिया।.
थोड़ी देर के बाद मोहित ने अपना लंड रूही की चूत से बाहर खींच लिया, फिर वो एक-दूसरे से अलग हो गए।.
धीमे से हवा चल रही थी। राहुल के हाथ में सिगरेट थी। मोहित पास बैठा, धुएँ में आँखें घुटती पाया। एक ने जलाई, दूसरे ने बिना शब्द लिया। खालीपन की ओर देखते हुए उन्होंने धुआँ छोड़ा।.
सुमित ने रूही को कुतिया बना दिया। फिर उसका लंड मेरी बहन की चूत में घुस गया।.
अचानक उसने खींचा, और मेरी बहन के होठों से आवाज फूट पड़ी।.
आँख उठाकर देखा, तो रूही की चूत में सुमित का लंड आधे से भी ज्यादा अंदर था।.
अचानक सुमित ने हाथ आगे बढ़ाया। उसने मेरी बहन की कमर पर पकड़ बना ली। फिर एक झटका दे दिया।.
इस बार वो पूरा-पूरा मूसल लंड रूही की चुत में समा गया।.
थोड़ी देर बाद रूही के शरीर में तकलीफ सी महसूस होने लगी।
सुमित ने मेरी बहन की चूत पर हमला कर दियa।.
वह गालियाँ देते हुए मेरी बहन को चोद रहा था - आह, साली रंडी… तूने मोहल्ले के हर लड़के के साथ संबंध बनाए हैं… आह, आज मेरे लिंग का भी आनंद ले ले कुतिया… आह, तेरी चूत ढीली पड़ गई है पर मेरी लौकी को तेरी चूत में धकेलना बहुत अच्छा लग रहा है। मेरी बहन हंसते हुए उस पड़ोसी के लिंग को अपनी चूत में खींच रही थी। आधे घंटे तक सुमित ने मेरी बहन की चूत में अलग-अलग तरीकों से लिंग डाला, फिर अपना सारा वीर्य रूही की चूत में उंडेल दिया।.
दस बजे के लगभग रात में वो तीनों लड़के Xxx सेक्सी लड़की के साथ जुड़े, फिर चल पड़े। उनके जाने के ठीक आधा घंटा बाद मैं अपने घर में हो गया।.
रूही ने मुझे देखते ही सवाल किया - अच्छा, भैया, तुम फिर से यहाँ कैसे पहुँच गए?
उस सब कुछ मैंने उसे समझा दिया।.
मगर मुझे सब जानना था कि आज रूही के साथ बहुत तेज़ी से संभोग हुआ।.
खाने के बाद आँखें भारी हो गईं।.
उसके बाद कुछ पता चला रूही के बारे में। लंबे समय से वो चुद रही है।.
हर गली के लड़के ने मेरी बहन से दुष्कर्म किया है, जिसके बाद वह पूरी तरह टूट चुकी है।.
यह बिल्कुल सच्ची घटना है और मेरे जीवन का एक काला सत्य है कि मेरी बहन जवान होते ही सड़क छाप रण्ड बन गई थी.
अब सुनो, ये थी मेरी बहन के सेक्स की कहानी।!
Xxx सेक्सी लड़की की कहानी पसंद आई हो तो कमेंट में बता देना।.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0