उसकी पत्नी ने शादी के बाद के सफर में किसी और आदमी के साथ संबंध बनाए।
Desisexkahaniya
एक सुबह उठते ही पति ने सोचा, कमाया जाए। फिर उसने बीवी को होटल में भेजा, वजह थी कमाई। कई आदमी आए, हर रात कोई नया। पैसा आता गया, झोली भरती गई। सातवें दिन जब घर लौटी, तभी पता चला कितना हुआ है इकट्ठा। बीवी ने कुछ नहीं कहा, पति ने भी नहीं पूछा।
एक शाम की बात है, मेरी शादी को पूरे सात साल हो चुके थे।
एक बात मैं तुमसे साझा करना चाहती हूं।
शादी के बाद हमें कहीं जाना नसीब नहीं हुआ।
पैसे कम पड़ रहे थे, इसलिए मुश्किल हो गई।
सात साल बाद हो गया फिर से। हनीमून की यात्रा का समय आ धमका।!
शिमला में पैर रखते समय बस इतना याद था कि हम वहाँ घूमने आए थे।
पैसे को लेकर मुझे और मेरी पत्नी के बीच तकरार हमेशा खड़ी हो जाया करती थी।
उसका कहना था - बिना पैसे के ज़िंदगी बर्बाद हो गई।!
उसे होटल में ले जाकर रंडी बनाना मेरे मन में था।
एक तीन सितारा होटल का प्रबंध हमने शिमला में कर लिया था।
सात दिन वहीं ठहरने का इरादा था हमारा।
पहले से तय था कि मैं वहीं ठहरूँगा, जहाँ बुकिंग हुई थी।
उस पहली रात को मन में घटना से शुरू हुआ।
सुबह के दस बज चुके थे।
दिन भर घूमने के बाद मेरी पत्नी बहुत थक चुकी थी, क्योंकि मैंने उसे सारा समय ले लिया था।
पहुँचते ही मैंने उसे पीने के लिए कुछ दे दिया था।
उसके ऊपर रात का गाउन डाला गया, फिर वो चुदाई के लिए तैयार हो गई।
धीरे-धीरे समय बीतने लगा।
तभी कमरे में घंटी की आवाज़ हुई।
खिड़की के पास से आवाज आई - दरवाजे पर दो मजबूत आदमी खड़े थे।
मेरी बीवी के साथ वो काम करने से पहले ही उन्होंने पैसा भेज दिया, और वो मेरे खाते में आ चुका था।
उस रात मैंने पत्नी को शराब के साथ-साथ एक ऐसी गोली भी दे दी जो उसे अधिक उत्तेजित कर दी।
वह बिस्तर पर बैठी थी, उसकी जांघें अब एक-दूसरे से दूर हट गईं। हथेली धीमे से चलने लगी नीचे की ओर।
उस दिन मैंने ग्राहकों से कहा, बस कुछ न बोलना। फिर वो लोग मेरी पत्नी पर तुरंत चढ़ गए, आवाज़ भी नहीं निकाली।
मैंने उनसे कहा, हर किसी को अलग-अलग समय मिलेगा, पत्नी के साथ वही होगा जो मैं चाहता हूँ।
Xxx पति के साथ एक कहानी अब चलने लगी।.
अँधेरा किया, फिर कोने में जगह बनाकर बैठ गया - ताकि पत्नी के साथ हो रहा दृश्य सामने आए।
अंधेरे के बीच खिड़की से प्रकाश का एक धुंधला सा टुकड़ा कमरे में घुस रहा था।
एक आदमी कमरे में घुसा। बिस्तर पर जाकर वह मेरी पत्नी के पास बैठ गया, फिर उसके स्तन दबाने लगा।
उसकी छाती को दबाते हुए वो फफकने लगी - ओह्ह, और ज़ोर से… ओह्ह।
उस आदमी के हाथ मेरी पत्नी के स्तनों पर थे, वह ज़ोर से दबा रहा था।
थोड़ी देर बाद पत्नी बोली - मेरी चूत चाटना, सुप्रीष कर।!
इसके बाद वो मेरी पत्नी की योनि चाटने लगा।
फिर पत्नी ने तेज़ सिसकियाँ भरना शुरू कर दिया - ऊईई… आह्ह… स्स्स… हां, हां, चाटो।!
तभी पत्नी ने उसका लंड हाथ में उठाया, फिर तेजी से हिलाने लगी।
उसके होठों ने लंड को घेर लिया, फिर वो तेजी से चूसने लगी।
थोड़ी देर के लिए, उसने ऐसा ही जारी रखा।
उसने मेरी पत्नी के पैर अलग किए, फिर अपना लंड उसकी चुत में धकेल दिया।
एकदम अचानक उसने लंड को चूत पर रखा, फिर तेजी से हिलावा शुरू कर दिया।
एक सात इंच की लंबाई वाला लंड था, मोटाई तीन इंच के आसपास।
वह धक्के लगा रहा था, मेरी पत्नी को चूत में घुसा हुआ था।
अब मेरी पत्नी के चिल्लाने के बावजूद, वह घूसपैठ जारी रखे हुए था।
उसके अंदर धीमे से कांपते हुए वह बेसुध हो गया।
उसके लंड को खींचते ही पत्नी की योनि से तरल बह गया।
उठकर सोफे की तरफ बढ़ा, पानी छोड़ते ही।
जब वो चला गया, तो कुछ ही देर में एक और आदमी मेरी पत्नी के पास आ धमका।
मैं वहाँ खड़ा था, तभी उसने मेरी पत्नी को घुटनों के बल झुका दिया।
उसने मेरी पत्नी के पिछवाड़े पर तेल हल्के से फैलाया।
थोड़ी देर तेल लगाने के बाद, वो अपने लंड को गांड के छेद पर ठहरा चुका था। एक ही झटके में घुसा तो बीवी की आंखें लगभग निकल ही गईं।
उसके सिर पर नशा चढ़ा हुआ था, फिर भी वो ज़ोर-ज़ोर से कराहने लगी।
एक 8 इंच की मोटी चीज़ उसके पिछले हिस्से में अब तक समा चुकी थी।
उसके बाद वह मेरी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने लगा।
उसके साथ होते देखकर मुझे अच्छा लग रहा था।
मौज़ के साथ वह लंड चूसते हुए सिसक रही थी, पर दर्द भी झेल रही थी।
उसने लगभग पौना घंटा तक मेरी पत्नी को चढ़ाया।
एक बार उसने मेरी पत्नी की चूत में हाथ डाला, कभी गांड में घुसा दिया।
एक के बाद एक दोनों ने मेरी पत्नी के साथ सुबह चार बजे तक सेक्स किया।
उसके बाद वो दोनों वहाँ से चले गए, उसे बिल्कुल नंगा छोड़ते हुए।
उसके शरीर पर मौजूद तरल... पति के ख़त्म होने के बाद छूटा था।
एक बार उसने मेरी पत्नी को लंदन के तट पर बहते पानी में डुबोया।
उन लोगों ने हर पैसा ऐसे उठा लिया, मानो कोई छूट ही नहीं सकती थी।!
जब वे चले गए, तो मैं भी पत्नी के पास लेटने चला गया।
बारह बजे दिन में मैंने आँखें खोलीं।
इसके बाद हम पलट कर चहल कदमी पर निकल पड़े।
उसने शुरू किया बात करना, कहा पूरी रात जबरदस्ती चोदने के बाद अब भी चूत और गधे में तकलीफ़ है।
फिर भी, मज़े की कमी नहीं हुई।
सोचा तो बस इतना कि सुनो, छह दिन और यहीं रहना पड़ेगा। पूरे दो लाख मिल जाएंगे तब।
उसकी ओर मुड़कर बोला - तुम सचमुच हर दिल को छू लेने वाली हो।
ऐसे ही पल बीतते गए, शाम ढलने तक सड़कों पर टहलते रहे।
पहले से ही मैंने अगले दिन के लिए ग्राहकों की व्यवस्था होटल के जरिए कर रखी थी।
पहुँचते ही होटल में, पत्नी के लिए पेय तैयार कर लिया मैंने।
रास्ते में पड़ते हुए मैंने उसके लिए दर्द की गोली भी ले आया, सुबह से उसकी चूत में तकलीफ थी।
आज उन आदमियों के बारे में मुझे कुछ नहीं पता था, जो उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने वाले थे, और उनके लिंग कैसे होंगे, इसका अंदाजा भी नहीं था।
मैं पहले से तय कर चुका था कि सब कुछ ठीक होगा।
आज सुबह उठते ही मन कर रहा था कुछ तगड़ी शराब पीने का, ऐसी जो दिमाग घुमा दे। पत्नी के साथ लगातार दूसरे दिन का माहौल था, इसलिए मूड बना हुआ था।
कुछ कंडोम मैंने पहले ही रख लिए थे। इतना यकीन नहीं था कि जो आएगा, वह खुद लेकर आएगा।
उसके बाद पत्नी के लिए पेय तैयार हो गया मेरे हाथ से।
हम दोनों ने शाम को घर आकर बियर पीना शुरू कियa, क्योंकि रास्ते में ही कुछ खाया था।
शुरू में तो पत्नी शराब से मना कर रही थी, हालाँकि कुछ घूँट लेते ही उसे अच्छा लगने लगा।
थोड़ी देर बाद उसका सिर चकराने लगा।
थोड़ा सा ही पिया था मैंने, लगातार छोटे-छोटे घूँट भरता गया।
उस पल जब वो नशे में थी, मैंने धीरे से उसके कपड़े उतारना शुरू कर दिया।
मैं चाहता था कि ग्राहक आने से पहले मैं अपनी पत्नी को पूरी तरह तैयार कर लूँ, उसे सही ढंग से तैयार होना था।
उसकी साड़ी मैंने धीरे से ढीली की, एक पल बाद पल्लू अलग हुआ।
उसकी ब्लाउज में सिसकते हुए छाती के दोनों टुकड़े भरे पड़े थे।
फिर मैंने ब्लाउज खोला, तो वह हल्के से हँस पड़ी। नशे में उसकी जीभ अटपटे शब्द बुदबुदाने लगी - कल रात का चोदना कम पड़ गया था क्या, इसलिए आज फिर नंगा कर रहे हो?
सात साल बाद फिर यहीं आए थे, पत्नी के साथ। मैंने कहा - यहाँ का हर पल खुशियों से भरना है। रोज़ सुबह से लेकर गहरी रात तक, एक-दूसरे में खोना चाहिए।!
उसने कहा - नहीं जान, मेरी चूत फट जाएगी, चूत नहीं… पेट तक दरक सकता है।
बस इतना कहा मैंने - कुछ खास नहीं होगा। शादी के बाद के पलों में सिर्फ यही तो मज़ा आता है।
उसके मुँह से निकला - ठीक है, पर आज रोशनी बंद नहीं होगी।
मज़ा तब है, जब सब कुछ अँधियारे में छुपा हो।!
फिर तुरंत मैंने उसके चेहरे पर एक और घूँट मार दिया।
थोड़े सेकंड में ही वो पैग खत्म हो चुका था।
थोड़ी देर बाद उसके सिर में घुलने लगा था नशा।
उसकी चूचियाँ मुझसे अलग होते ही ब्लाउज ढीला पड़ गया।
उस वक्त मैंने ध्यान दिया, पिछली रात के हथियारों से उसके स्तन इतने ज़ोर से दबे कि अगले दिन लाल निशान अभी भी दिख रहे थे।
मन लगता था कि पत्नी को किसी जंगली बैल ने पूरी रात घसीटा हो।
हर तरफ निशान पड़ चुके थे - गले में, स्तनों पर, पीठ के ऊपर, कमर तक।
फिर भी पत्नी के साथ उस हालत में देखकर मन खुश हो गया।
आज रात उसके साथ कुछ ऐसा होने वाला था, मन में बस इतना ख्याल था।
उसकी पेटीकोट का बटन मैंने खोला, फिर पैंटी को धीरे से नीचे खींच दिया।
उसके बाद कमरे के अंदर वो मेरे साथ चली आई। पैग का मिश्रण हाथों से तैयार हुआ।
मैंने धीरे से पैग उसके हाथ में रखी, फिर बिना कुछ कहे अपनी उंगली उसकी चूत में डाल दी।
वो उत्तेजित हो गई, धीरे से बोली - आ जाओ यार... मुझे छू लो... हनीमून बहुत अच्छा चल रहा है। पिछले साढ़े सात साल में तुमने इतना जोश से कभी नहीं किया था।
मैंने कहा - हां, नशा पहले अच्छा ख़त्म कर लेते हैं, उसके बाद जब शुरू होगा, तभी असली मज़ा आएगा।!
बस मैं झूठ बोलता रहा कि पी रहा हूँ।
उसके बाद मैंने अपनी पत्नी को तीन गिलास और शराब चढ़ा दी।
वह बिस्तर पर लेटी, उसका मुँह खुला हुआ था।
अँधेरा हो गया जब मैंने स्विच दबाया।
जिस आदमी ने बीवी को चुदा था, वह होटल में पहुँच गया था।
जैसे ही मैंने फोन किया, वे अंदर आ गए।
अँधेरे में समझ नहीं आया कि वो आदमी कौन है, जो मेरी पत्नी के पास आया हुआ था।
एकदम अचानक, पहला आदमी कपड़े उतारने लगा।
धीरे से मैंने उसे बताया - सब कुछ ख़ामोशी में होगा, बिना आवाज़ के, बिना बातचीत के।
एक आदमी सोफे पर जमा रहा, उसकी बारी के लिए ठहरा हुआ।
एकदम अचानक, पहले व्यक्ति ने सब कुछ उतार दिया। फिर वो मेरी पत्नी की जांघों पर हाथ डाल बैठा।
वह अपनी जांघें खींचकर रखे, लंड को धीमे से छेड़ा। फिर एकदम से भीतर घुसा दिया, बिना ठहराव के।
अब उसकी पत्नी को तेज़ नशा चढ़ा हुआ था।
थोड़ी सी आहट निकली उसकी, और वो आदमी को बाहों में लपेटे हुए खुद पर घसीट ले गई।
उसने अपनी जांघें फैला दिया, तभी सब कुछ शुरू हो गया।
वह ग्राहक जोर-जोर से उसकी योनि में अपना लंड डालने लगा।
उसके तेज़ झटकों ने पूरी सराय को हिला दिया।!
थोड़ी देर बाद पत्नी की आवाज़ सुनाई देने लगी - ओह्ह… ऐय्य… उइइइ… तेज़ करो… ओह्ह… अच्छा लग रहा है… ओह्ह, और तेज़!
दूसरा आदमी सोफे पर बैठा-बैठा उसकी छटपटाहट में लंड झुलाने लगा, जब वह तेज़ आवाज़ में साँस छोड़ने लगी।
एक ख्याल दिमाग में आया।
क्या होगा अगर पत्नी को दो मर्दों के साथ देख लूँ।!
फिर मैं उस दूसरे आदमी के पास होकर बोला, तुम भी जाओ और वहाँ घुस जाओ।
उसके बाद वो सीधे बिस्तर पर झपटा।
तुरंत उसने पैंट और शर्ट खोली। बाद में अंडरवियर भी फेंक दिया गया।
इसके बाद उस आदमी ने मेरी पत्नी को संभाला, ज़मीन पर लेट गया और धीरे से उसे अपने ऊपर बैठा लिया।
उसने धीमे से उसके अंदर प्रवेश किया, फिर तेजी से आगे-पीछे होने लगा।
उसकी पत्नी धीरे से उस आदमी के सीने पर सिर टिकाए हुए थी।
उसी वक्त एक दूसरे आदमी ने मेरी पत्नी के पिछले हिस्से में अपना लिंग डाल दियa। फिर आहिस्ता-आहिस्ता उसे आगे-पीछे करने लगा।
थोड़ी देर बाद वह जल्दी-जल्दी धकेलने लगा।
मेरी पत्नी हर रात किसी और के साथ सोने लगी थी।
अब शराब से ज्यादा उस पर लौंडों का असर चढ़ने लगा था।
शायद उसे इस बात का पता भी नहीं था कि दो पुरुष उस समय उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहे थे।
अचानक, पत्नी को दो लड़कों के साथ जुड़े देखकर मन में उमड़ गया।
एक-एक करके दोनों ने मेरी पत्नी के साथ दो बार सेक्स किया।
तड़के तक वो बेहोश पड़ी रही, मेरी पत्नी।
उसके बाद दोनों ने काम समाप्त किया, फिर चल पड़े।
थक चुका था, मैंने सामान रखा और आँख लग गई।
अगली सुबह तक वो अभी भी बेहोश पड़ी थी।
सारा दिन कमरे में बिना कपड़ों के लेटी रही, नींद आई तो सो गई।
वो मेरे हिसाब से पल-पल खुद को भूलती जा रही थी।
थोड़ी तो पहले ही बदल चुकी थी, बाकी का हिस्सा अभी शेष था।
शाम ढलने पर जब वह उठी, तब दर्द से राहत के लिए गोली खिलानी पड़ी। धीरे-धीरे चूत और गांड में तकलीफ कम होने लगी।
खाने का इंतज़ाम होटल पर हुआ, बाहर कहीं जाने की ज़रूरत नहीं पड़ी।
आज भी Xxx पति ने अपनी पत्नी को सेक्स करवाया।
अँधेरा होते-होते पिछले दिन की बात फिर से चल पड़ी।
उसके पास दो आदमी रात भर आए, फिर भी वह हर पल खुद को सौंपती गई।
फिर इसी तरह 6 रातों तक उसने चुदाई करवाई और हमारा हनीमून खत्म हो गया।
एक साथी की पत्नी, उसके पति की मौजूदगी में, कई लोगों के साथ संभोग में शामिल हुई।
वह अब इतनी आदी हो गई है कि एक समय पर दो लड़कों के बिना मौज नहीं आती।
मेरी पत्नी की कहानी तुम्हें कैसी लगी, ये बात अवश्य कहना।
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