गांव में बुआ के बेटे से चुद गया
गे बॉय गांड कहानी में मुझे गांड मारना अच्छा लगा। जब मैं अपनी बुआ के घर गया, तो उनके बेटे से मुलाकात हुई। वह पूरी रात मेरे साथ सोया था। उसने मुझे रात भर नंगा कैसे किया?
दोस्तो, आप सब कैसे हैं?
मैं आप सब अच्छे होने की आशा करता हूँ।
तुम सब ने मेरी पिछली कहानी, जिसमें मैंने चलती बस में गांड चुदवा ली, पर इतना प्यार दिखाया कि मुझे बहुत अच्छा लगा।
उससे आगे की कहानी मेरी है।
नए दोस्त जो मेरी कहानी पढ़ रहे हैं, उनसे अनुरोध है कि वे पहले भाग को पढ़ें।
अब गे बॉय गांड कहानी पर आते हैं।
मैं अपनी बुआ के घर गया।
मुझे देखकर सभी खुश हो गए।
मैंने बुआ के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया, फिर दूसरों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
“तू थक गया होगा, जा जाकर नहा ले, फ्रेश हो जा और थोड़ा कुछ खाकर आराम कर ले,” बुआ ने मुझसे कहा। अब शाम है, मैं तुम्हें उठाऊँगा।”
मैं अपनी बुआ से बात करूँगा।
उनका नाम साधना है, उम्र 42 साल और भरा हुआ शरीर।
उनकी उम्र लगभग 38 है, उनकी कमर लगभग 34 और उनकी मोटी गांड लगभग 42-44 की है।
उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि उन्हें 42 वर्ष की उम्र है।
वे ऐसे हैं।
बुआ ने कहा कि मैं अपने सामान लेकर चला गया।
मेरे पिता ने मेरे कजिन भाई, यानी मेरे बेटे को कमरा दिखाने को कहा।
रोहन था और मुझसे पांच साल छोटा था।
मैं उसके साथ ऊपर चला गया।
जब हम द्वितीय मंजिल पर पहुंचे, वह मुझे एक कमरे में ले गया।
उसका कमरा उसका था।
“भैया, ये है मेरा कमरा,” उसने मुझसे कहा। यहीं आप रुकेंगे।मैंने कहा, "ठीक है।"”
और उसने मुझे कमरे से निकाल दिया।
मैंने एक लोअर, एक टी-शर्ट और अपना अंडरवियर बैग से निकालकर बाथरूम में गया।
मैंने अपने कपड़े उतारे और नहाने लगा।
मैं नहाने के बाद बाहर आया, अपने कपड़े पहना और बेड पर लेट गया और मॉम को फोन करके बताया कि मैं गांव पहुँच गया हूँ।
मैंने मॉम को कहा, "तुम यहाँ सब बहुत मिस कर रहे हो।"“उन्हें कहना, मॉम जल्दी ही आप सब से मिलने आएगी,” मॉम ने कहा।मैंने फोन बंद कर दिया और सो गया।
रोहन ने मुझे शाम को 7 बजे जगाया।
मैं उसकी आवाज सुनकर उठ गया।
“भैया, उठ जाओ, आधे घंटे में पूजा शुरू होने वाली है। जल्दी से उठकर नीचे आओ।“ठीक है, तू चल, मैं आता हूँ,” मैंने कहा।मेरी बात सुनकर वह चला गया।
मैं बेड से उठा, मुँह-हाथ धोकर अपनी जेब से शर्ट, पैंट और जैकेट निकालकर उन्हें पहनने लगा।
मैं तुरंत तैयार होकर नीचे चला गया।
जब मैं नीचे गया, तो मैंने देखा कि सभी आ चुके हैं।
मैं सभी के साथ चला गया और खड़ा हो गया।
थोड़ी देर बाद प्रार्थना शुरू हुई।
पूजा लगभग एक घंटे चली।
फिर हर कोई अपने काम में लग गया।
वह घर की बड़ी छत पर दारू पीने गए।
मेरा भाई रोहन और मैं बाहर ही सोफे पर बैठ गए और बातें करने लगे।
थोड़ी देर बाद, बुआ ने हमसे कहा कि ये खाने का सामान ऊपर से लाओ।
रोहन और मैं उठे और दोनों हाथ में दो प्लेट्स लेकर छत पर चले गए।
हम छत पर आकर टेबल पर जाकर खाना रख दिया।
मैं भी उन लोगों को देखकर पीने लगा।
Роहन ने दारू को घूरते हुए देखा।
जब हम दोनों खाना रखकर वापस नीचे आने लगे, तो उसने मुझसे पूछा, "भैया, आप ड्रिंक करते हो ना? आप पी रहे हैं।”
“हाँ यार, इन सब को देख मेरा दिल कर गया,” मैंने कहा जब मैंने उसे देखा।“भैया, चलो मैं पिलाता हूँ आपको,” उसने कहा।”
“तू कैसे पिलाएगा?” मैंने पूछा।“बस आप मेरे साथ चलो,” उसने कहा।मैं उसके साथ नीचे की ओर चला गया।
जब हम दोनों पहले मंजिल पर पहुंचे, वह मुझे बुआ-फूफाजी के कमरे के पास ले गया।
हम दोनों कमरे में घुस गए।
“तू मुझे यहाँ क्यों लाया है, रोहन?” मैंने पूछा।“बस आप बाहर ध्यान रखो, कोई आए तो बता देना,” उसने कहा।”
उसने कहा कि मैं दरवाजे के पास जाकर बाहर देखने लगा और उसे भी देखने लगा।
उसने फूफाजी की अलमारी खोली, दारू की एक बोतल निकालकर छिपा दी, फिर अलमारी बंद करके मेरे पास आ गया।
मैंने कहा, “तू पागल है, ये फूफाजी की है।” उन्हें पता चला तो हमें मार डालेंगे।“अरे भैया, इतनी सारी बॉटल पड़ी हैं, कुछ पता नहीं चलेगा,” उसने कहा। टेंशन मत लो; मैं नहीं हूँ।”
फिर हम दोनों वहाँ से जल्दी निकल गए और अपने कमरे में आ गए।
हम कमरे में आकर दरवाजा बंद करके बेड पर बैठ गए।
मुझे एक बॉटल दिया।
मैंने उसे खोला और एक गिलास लेकर अपना पैग बनाने लगा।
जब मैं पैग बना रहा था, मैंने देखा कि रोहन की नजरें बॉटल पर टिकी हुई थीं।
“तुम भी पीते हो?” मैंने पूछा।“अरे नहीं भैया, मैं नहीं पीता,” वह घबरा गया।”
मैंने एक और ग्लास लिया और दोनों के पैग बनाकर उसे उसका ग्लास दिया, बिना कुछ कहे।
“अरे भैया, सच्ची मैं नहीं पीता,” उसने कहा।“डर मत, पी ले,” मैंने कहा। मैं किसी से नहीं कहूँगा और तुम्हें मुझसे डरने की भी जरूरत नहीं है। आराम से गिलास पीओ।”
उसने ग्लास मेरे हाथ से ले लिया।
मैंने उसके और अपने पैग में सोडा डाला और फिर दोनों चीयर्स करने लगे।
रोहन ने एक बार में पूरा पैग पी लिया।
मैं भी एक सांस में अपना पैग पीते हुए उसे देखा।
हम बैठे-बैठे दारू पीते रहे और बातें करते रहे।
धीरे-धीरे हम दोनों को शराब की लत लगने लगी।
जैसा कि मैंने देखा, हमने आधी बोतल खाली कर दी थी।
मैंने सिगरेट की बोतल से दो निकालकर जलाई और एक रोहन को दी।
वह एक सिगरेट लेकर उसे पीने लगा।
मैं भी शराब पीने लगा।
मैंने पैग बनाया और हम दारू पीने लगे।
दो पैग मारने के बाद हमने बॉटल वहीँ छिपाकर रख दी।
“भैया, हमारा नीचे जाना अब सही नहीं,” रोहन ने कहा। यहीं पर हम खाना खाते हैं।उसने भी सही कहा।
उसने अपनी माँ को फोन करके कमरे में ही खाना बनाने को कहा।
थोड़ी देर बाद मेरे उम्र की बुआ की बेटी हमारे लिए खाना लेकर आई।
उसे कविता कहा जाता था।
मैं सिर्फ उसे देखता रह गया।
2-3 साल बाद मैं उससे मिल रहा था।
मित्रों, उसे क्या बताऊँ?
टाइट लेगिंग्स, एकदम कसा हुआ टॉप, करीब 36 के मोटे-मोटे चूचे, 30 की लगभग पतली कमर और 38 के लगभग गोल मोटी गांड।
वह कमरे में आया और खाना टेबल पर रखा।
उसके मोटे चूचों पर मेरी नजरें घूर रही थीं।
उसने मुझे घूरते हुए देखा।
“कैसे हो मयंक?” उसने मुझे देखकर पूछा।”
“मैं ठीक हूँ, तुम कैसी हो?” उसकी आवाज सुनकर मुझे होश आया।”
“तुम्हारे सामने ही हूँ, देखो, एकदम फिट हूँ,” उसने उत्तर दिया।”
“हाँ, पहले से बहुत सुंदर हो गई हो,” मैंने उसके शरीर को घूरते हुए कहा।”
“भैया, खाना खा ले, ठंडा हो रहा है,” रोहन ने कहा।मैं भूल गया कि रोहन भी कमरे में है।
जब हम खाना खाने लगे, कविता ने कहा, "और चाहिए हो तो कॉल करो।"हम दोनों बैठकर भोजन करने लगे।
हमने खाना खाकर बर्तन अलग रखे और बैठ गए।
जब मैंने समय देखा तो 11:50 हो चुके थे।
“भैया, टाइम हो गया, कपड़े बदल लो,” रोहन ने कहा।मैं भी अपने बैग से लोअर-टीशर्ट निकालकर बाथरूम में बदलने गया।
मैंने अपने कपड़े बदलकर निकल गया।
रोहन ने बाहर देखा तो लोअर-टीशर्ट भी पहन लिया था।
मैं बेड पर चला गया और लेट गया।
मेरे बगल में रोहित लेटा हुआ था।
मुझे थोड़ी देर बाद नींद आ गई जब हम दोनों लेटे-लेटे बात करने लगे।
मैंने प्रकाश को बुझा दिया और रोहन की ओर झुककर सो गया।
थोड़ी हलचल से मेरी आँखें खुलीं, करीब 2:30 बजे, और मैं रोहन की ओर देखा।
पता नहीं क्यों, वह मेरे मुड़ने से थोड़ा घबरा गया।
मैं आँखें बंद करके लेटा रहा।
रोहन ने एक हाथ डालकर रजाई को ऊपर-नीचे हिलाने लगा जब उसने सोचा कि मैं सो रहा हूँ।
मैंने समझा कि रोहन एक लंड हिला रहा है।
उसने आँखें बंद करके तेजी से अपना लंड हिलाया।
मेरा शरीर गर्म होने लगा।
अब मेरा दिल उसके लिंग को देखने के लिए धड़क रहा था।
थोड़ा विचार करने के बाद मैंने अपनी स्थिति बदली और रोहन की ओर मुड़ गया।
दो मिनट तक ऐसे ही लेटे रहने के बाद, मैंने पीछे की ओर अपनी गांड रखी, जिससे रोहन की जांघ मेरी गांड से टकरा गई।
मैं भी उसी तरह रुक गया।
रोहन ने दो से तीन मिनट तक कुछ नहीं कहा।
मैंने सोचा कि ये कुछ नहीं करेगा।
तभी मैं उसका हाथ अपनी गांड पर महसूस करता था।
मैं बहुत खुश था।
Роहन ने मुझे देखा कि क्या मैं सो रहा हूँ।
मेरी आँखें बंद करके मैं लेटा रहा।
उसने मुँह को कंधों से पकड़कर थोड़ा हिलाया, लेकिन मैं ऐसे ही लेटा रहा, जैसे उसे लगता था कि मैं सो गया हूँ।
उसने मेरी गांड को लोअर के ऊपर से धीरे-धीरे सहलाने लगा।
मैं बहुत खुश था।
भयभीत होकर ऊपर से सहलाता रहा।
वह अपना हाथ मेरे लोअर में डालने लगा जब वह समझ गया कि मैं गहरी नींद में हूँ।
मैं तेज होने लगा।
वह धीरे-धीरे मेरी नंगी गांड को अपने हाथों से सहलाने लगा, जिसमें लोअर के ऊपर से ही मेरा लोड़ा भी घिस रहा था।
मैं चाहता था कि मैं इसका लंड अपने मुँह में भरूँ।
अब मैंने देखा कि रोहन मेरे लोअर को धीरे-धीरे नीचे ला रहा है।
उसने मेरा लोअर मेरे घुटनों तक उतार दिया और मैं भी उसी तरह लेटा रहा।
वह मुझे उठाकर पीछे लेट गया और मेरे हाथ मेरे टी-शर्ट में डालने लगा।
मैं अपनी साँसें तेज करने लगा।
वह टी-शर्ट के अंदर हाथ डालकर पीछे से मेरी गांड पर अपने लंड को घिसने लगा।
मैं नियंत्रण खोने लगा।
वह लंड घिसते हुए निप्पल को सहलाता रहा।
5 मिनट बाद, वह अचानक मेरी गर्दन पर अपने होंठ रखकर फिराने लगा।
मुझे रहा नहीं गया और मैं रोने लगा, "उम्म्म आआ आह्ह।"”
Роहन को मेरी सिसकी सुनकर पता चला कि मैं जाग रहा हूँ।
तब वह अपने लंड को मेरी गांड पर घिसता हुआ, मेरी निप्पल मसलते हुए मेरी गर्दन को चूमते हुए मुझसे पूछा, "उम्म म्म, कैसा लग रहा है भैया?मैं तुरंत चिल्लाकर उसके होंठों को चूमने लगा।
साथ ही वह मेरी गांड को हाथों में थामकर मुझे चूमने लगा।
उसने मेरी टी-शर्ट और पैरों से मेरे घुटनों पर फँसा लोअर उतार कर मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया।
रजाई में हाथ डालकर मैं भी उसका लंड पकड़ लिया। उसका लंड इतना बड़ा था कि मेरे मुँह में पानी आ गया।
लंड को पकड़े ही मैं उसे ऊपर-नीचे हिलाने लगा।
हम एक-दूसरे को डीप थ्रोट किस देने लगे, जब वह मेरी गांड मसलने लगा।
“रोहन, तुम्हें मेरी गांड कैसी लगी?“उम्मम्म उम्महां भैया, लड़कियों से भी मस्त गांड है आपकी,” रोहन ने कहा।“बस इतना कहा और गांड पर थप्पड़ मारा।
मैं भी उसका लंड मसल रहा था।
10 मिनट की किस के बाद, रोहन ने मुझे लेटा दिया और मेरी गर्दन, कान और सारे शरीर पर जीभ फिराने लगा।
मैंने उसके बाल सहलाते हुए कहा, "आआ अह्ह उम्मम्म आआअ ह्ह रोहन, फक मी बेबी प्लीज़ आआ आह्ह।"”
“उम्मम्म भैया, फक यू सो हार्डर टुडे आआ उम्मम आउम्ममम बेबी,” रोहित ने कहा।“ओह गॉड आआ आह्ह आआ आह्ह फक्क बेबी आआ आह्ह, काटो मत रोहन आआ आह्ह,” रोहन ने अपनी गर्दन चूमते हुए कहा, जिससे मेरी साँसें तेज हो गईं।”
तब रोहन नीचे आकर मेरी निप्पल चूसने लगा।
मैंने उसके बाल सहलाते हुए कहा, “आआ अह्ह् फक कक्क ओह माई गॉड बेबी, तुम मुझे पागल कर दोगे आआअ ह्ह्ह।””
Роहन दाँतों से निप्पल को खींचने लगा और उसे चूसने लगा।
मैं पागल हो गया और चिल्लाने लगा, “ओह आआ उह आह्ह आआ अह्ह आआह्ह रोहन प्लीज धीरे आआ आआ हह्ह बेबी..। प्लीज मत खींचो।”
अब रोहित भी उत्साहित था।
“उम्मम्म म्मम्म जान, कितने मस्त निप्पल हैं तेरे और ये लेफ्ट वाली का तो कहना ही नहीं, ये तो बिल्कुल लड़कियों जैसा मोटा निप्पल है,” उसने चूसते हुए कहा।“चूस ले जी भर के,” मैं चिल्लाया।”
वह मेरी सुंदर निप्पल को चूसने लगा और मुस्कुराता रहा।
मैंने उसके शरीर को सहलाते हुए कहा, “आआह मेरे राजा, और कितना तड़पाएगा मुझे, जल्दी से दे देना अपना लंड मुझे।””
उसने मेरी निप्पल छोड़ दी और नीचे जाने लगा।
वह मेरे पेट के करीब आकर अपनी जीभ मेरे डीप नेवल में घुमाने लगा।
उसके ऐसा करने से मेरा शरीर गर्म हो गया।
मैंने उसके बालों को पकड़ा और उसके कमर को हवा में उठा दिया, कहते हुए, "आआ आआह फक क्क आआह ह्ह्ह..। रोहन, कृपया ऐसा मत करो..। रुक जा प्लीज।”
उसने मेरी एक भी बात नहीं सुनी और अपनी जीभ हिलाते हुए कहा, “उम्म उम्मम्म मयंक मेरी जान, आज तो खा जाऊँगा तुझे अअ ह्ह साले, क्या जिस्म पाया है तूने मादरचोद।”उसकी गालियाँ मुझे बहुत खुश करती थीं।
मैं उसके बालों को सहलाते हुए अपनी कमर हिलाते हुए कहा, “उम्मम्म अअह उम्म उह्ह्ह हउ हउ ह्ह आह्ह ओह गॉड, मेरा शरीर पूरी तरह से जल रहा है।””
रोहन ने अपनी जीभ निकालकर नीचे आने लगा।
वह मेरी टाँगों के बीच आया और मेरी जाँघें चाटने लगा।
रोहन, मैं तुम्हें प्यार करता हूँ जान।”
Роहन भी मेरी जाँघों को चाटता और काटता था, जिसे मैं भी पसंद करता था।
5 मिनट बाद, रोहन उठकर मेरे ऊपर आकर लेट गया।
मैं उसके बाहों को कसकर पकड़ लिया।
हम एक-दूसरे को चूमने लगे, और वह मेरे लिंग पर अपना लिंग रगड़ने लगा।
मैं भी उसका साथ देने लगा, अपनी गांड उठा-उठाकर, "आह्ह उम्म म्म्म आआ आउम्म आउम्म उम्मम्मम्म।"”
हमारे चूमने की आवाज पूरे कमरे में गूंजने लगी।
हम लगातार 5 से 7 मिनट चूमने के बाद रुक गए।
मैं रोहन की टाँगों के बीच बैठकर उसकी गर्दन पर चूमने लगा और उसे कमर से पकड़कर साइड में लेटाया।
“उम्मम्म आआ ह्ह्ह बेबी, यू आर सो हॉट, चाटो मुझे ऐसे ही,” उसने मदहोश होकर कहा।”
मैं उसके दोनों हाथों को चूमकर उसके बगल में अपनी जीभ डालकर चाटने लगा।
उन्होंने कहा, “आआ ह्हह्ह आह्ह ओह्ह गॉड मयंक आह्ह बेबी करते रहो आआ आह्ह” और मेरा सिर दबाने लगा।”
मैं भी अपनी जीभ से उसकी दोनों आर्मपिट को बार-बार चाटने लगा।
“आउ मम्म आआउ म्म उम्म म्म्म जान।””
मैंने दोनों आर्मपिट को अच्छी तरह चाटकर नीचे जाने लगा।
मैंने उसकी टाँगों के बीच आकर रजाई डाल दी।
मैं रजाई में घुसकर उसके जाँघों पर जीभ फिराता हुआ उसके लंड के करीब जाने लगा।
मेरे बालों को सहलाते हुए वह आराम से लेटा रजाई में हाथ डाल रहा था।
गे बॉय गांड कहानी चलेगी।
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