दो भाभियों ने मुझे ब्लैकमेल करके यौन संबंध बनाए
एक शाम को भाभी के साथ बढ़ता हुआ माहौल था। धीरे-धीरे उनकी टांगें ऊपर उठीं, मैंने पूरा आगे बढ़ दिया। कमरे के कोने में छिपकर दो महिलाओं ने सब कुछ रिकॉर्ड कर लिया। अचानक वीडियो सामने आया, जैसे तूफान घर में घुस गया। फिर क्या हुआ? खुद ही समझ लो।?
एक दिन की बात है, मैंने वो किस्सा सुनाया था जब भाभी के साथ छेड़छाड़ हुई थी।
पहला हिस्सा था कहानी का।
भाभी मेरे लंड से मदहोश होकर चुदी
एक बार तुमने देखा कि मैं उस इमारत में केबल का पैसा लेने गया हुआ था।
उसने मुझे बेहोश करके सारे कपड़े उतार दिए।
मुझे याद है, वो मेरा लिंग अपने मुँह में लिए हुए थी।
जब होश आया, तभी मैंने उस पर हमला कर दिया।
उस दिन भाभी ने कहा कि तेजी से चलना है। मैंने कोई बात नहीं बनाई। आधा घंटा ऐसे ही गुज़र गया।
सुबह उठे तो नज़ारा था - दो महिलाएँ, वीडियो बना रही थीं, गेट के पास खड़ी मुस्कान छलका रही थीं।
भाभी की चुदाई का अनुभव, अब सीधा प्रसारण में।
उठते ही नज़र पड़ी दो महिलाएँ, गेट के पास खड़ी, मुस्कान बिखेर रही थीं।
तीस के पास पहुँचने वाली एक का नाम रियाना था। उधर, 25 साल की उम्र में जीवन बिता रही दूसरी को रंजना कहलाया जाता था।
लगा जैसे पिछवाड़ा पूरा चकनाचूर हो गया।
लगा कि अब तो ये दोनों वीडियो को आग लगा देंगी, और फिर से सब कुछ बिगड़ जाएगा।
फिर भी, मुझे पहले ही अंदाज़ा था कि इमारत की महिलाओं को सेक्स की कितनी तलब है। डर धीरे-धीरे घटने लगा।
एक दिन वो दोनों भाभी घर में कैसे पहुँचीं, ये कहानी तुम्हें बता दूँ। मुझे उसे रंजना और रियाना ने बाद में सुनाया था।
मैं सोचा था कि यहाँ आकर दस मिनट में केबल का भुगतान ले लूँगा, और फिर चला जाऊँगा।
भाभी की बनाई लस्सी पीते ही मुझे चक्कर आया, फिर वो सिर्फ़ मेरे लंड को देखने लगी।
उसके दिमाग से ताला लगाना ही निकल गया था।
रियाना को सबसे पहले चुदाई के बारे में पता चला, तभी तो वो नीचे के फ्लैट में ठहरी हुई थी।
जब मैं शालिनी भाभी को टेबल पर लेटाकर चोद रहा था, तभी वो मेज़ इतनी ज़ोर से हिल रही थी कि आवाज़ होने लगी। इसी बीच रियाना अंदर आ पहुँची, क्या हो रहा है ये देखने के लिए।
शालिनी भाभी की चीखें सुनाई दे रही थीं, मैं उन्हें कंधे पर लादे हुए था जब रियाना दरवाज़े के पास पहुँची।
पैरों के अचानक ठहरने पर ध्वनि आई थी उसकी।
उसे ऐसा लगने लगा कि शालिनी के साथ पति ही सो रहा है।
अंदर से आवाज आ रही थी, तो रियाना दरवाज़े के पास कान लगाकर खड़ी हो गई।
उसी पल आगे के फ्लैट से रंजना बाहर आई, कोई काम था शायद।
रियाना ने अब रंजना को पूरी कहानी सुना दी, जो भाभी के साथ हुआ था वो सब।
जैसे-तुरंत ही उनकी नज़र मेरे जूतों पर पड़ी।
उसे पता था, शालिनी के यहाँ ऐसे जूते किसी के पास भी नहीं हैं।
तब उन्हें संदेह होने लगा, कुछ ठीक नहीं था।
शालिनी के मुँह से बिल्डिंग की बात आई, फिर प्यासी भाभियों का ज़िक्र हुआ। वो सब सुनकर दोनों के मन में जो था, वो सच लगने लगा।
फिर वो दोनों गेट के पास बिना हलचल किये खड़ी रहीं, जिससे शालिनी अपना मौका पाती रहे और उन्हें आगे सब दिखता रहे।
उसकी साथी धीमे-धीमे अपनी जांघों पर हाथ फेरती गई। नज़रें बिस्तर पर टिकी रहीं। एक के नखरे दूसरी की उंगली की लय से मेल खा गए।
उसके बारे में कुछ पलों में समझ आ जाता है।
लंबाई पांच फुट है, जिसमें आकार के माप 34-30-36 शामिल हैं।
उसकी लंबाई पाँच फुट चार इंच है। तीनों माप 36, 32 और 34 के बीच आते हैं।
शालिनी के पास दोनों अंदर घुस आईं, फिर बताया कि वह अकेले ही कितना आनंद उठा रही है।
शालिनी बोली - कुछ खास नहीं हुआ। मैं दोनों से गुज़ारिश करती हूं, ये पहली और आखिरी बार था। इसे पति को बताने से रहना। फिर कभी ऐसा नहीं होगा।
उस बातचीत में मैंने भी दोनों से कहा, इस फुटेज को किसी और के सामने न लाना।
रंजना ने कहा, डरने की ज़रूरत नहीं। वीडियो मेरे पास है, सुरक्षित। लेना है तो पैसा देकर ले लेना।
लगा जैसे वो धन की मांग कर रही हो।
उसके सामने बोला - खजाने में कुछ नहीं बचा।
कितना चाहोगी, शालिनी?
रंजना बोली - पैसे की बात छोड़, मुझे तो वही चाहिए जो तूने अभी महसूस किया है। मगर सुख का झटका भी मुझे देना पड़ेगा। तेरा आदमी जो है, उसे बता दे… मेरी भी तड़प शांत कर दे।
रियाना, पानी पीकर तू चुपचाप जा सकती है।
फिर एहसास हुआ कि बस मेरी जांघ पर नज़र थी उनकी।
मैंने कहा - जब तक यह बात इसी कमरे में रुके, तभी सुख दूँगा। तीन औरतों के अलावा चौथी को खबर नहीं लगनी चाहिए। फिर भी, इस वीडियो को अभी हटाना पड़ेगा।
रंजना समझौते पर आ गई, इसके बाद रियाना ने भी हां में सिर हिला दिया। फिर दोनों ने मिलकर वीडियो हटा दी।
फिर हम दोनों, मैं और शालिनी, आराम करने लगे।
शाम होते-होते मैं शालिनी से रुपये उठाकर चलने लगा, क्योंकि पैसा सिर्फ पांच घरों से इकट्ठा हुआ था।
रंजना ने अचानक कहा - इसी तरह चले जाओगे? कुछ तो कर दो, फिर विचार करूंगी पूरी रात, हाथ चलाऊंगी खुद पर।?
एक बार मैंने कहा था – सिर्फ आज रातभर उंगली चलाओ, कल तुम्हें मेरे लंड का झटका ऐसा लगेगा। पति की याद ही धुंधली पड़ जाएगी, वो खुद बखुद।
रियाना ने कहा - बस एक बार उसे हाथ में ले लूँगी।?
उस पल रंजना ने मेरी जींस का बटन खोल डाला, बस इतना कहकर।
पैरों के पास से शुरू होकर, वहाँ कुछ नहीं था जो मैंने पहना हो।
उसने पूछा - क्या तुम अपना अंडरवियर इसी जगह छोड़ देने वाले हो?
शालिनी ने कहा - उन्होंने तो ये चीज़ साथ लाई ही नहीं थी।
फिर वो दोनों काँपते हुए हँस पड़ीं। उनके मुँह से निकला - इतना बड़ा ढोंगी? हाँ, यही है।!
मैंने कहा था कि मैं सेक्स से दूर रह रहा हूं। पिछले 75 दिनों से किसी के साथ तय नहीं किया था। फिर भी, आज शालिनी पर इतनी तेजी से टूट पड़ा कि सब कुछ बदल गया।
फिर रंजना ने कहा - मुझे तथा रियाना को पूरी तरह से स्वतंत्रता से जीने देना।
तुम्हें जो मज़ा अब तक नहीं मिला, उसे मैं सुनिश्चित करूँगा। हर पल इतना गहरा होगा कि कोई कमी महसूस न हो।
आज रंजना बोली, ट्रेलर तो पहले दिखा दो। फिल्म का इंतजार कल तक हो सकता है।
मैंने कहा - तुम्हारे पास हैं तीस मिनट, फिर वो दोनों बताएँगे कि चाहते क्या हैं।
रंजना ने कहा, पंद्रह मिनट तक मेरे साथ मुँह में सेक्स कर लो। वैसे, चुत महज पांच मिनट में गरम हो जाएगी।
रियाना बोली, पंद्रह मिनट तक मेरी गहराइयों में उतरना। उस दौरान मैं कई बार लय में आ जाऊंगी, साथ ही एक अजीब सी तृप्ति भी महसूस होगी।
मुझे हैरानी हुई जब रंजना ने सीधा काम शुरू कर दिया।
उसके बाल मेरी मुट्ठी में आए, मैंने धीरे से खींचा। उसके होठ मेरे सामने थे, मैं आगे बढ़ गया।
उसका मन हुआ, तो बड़े आराम से मुंह में क्रिया करवाने लगी।
इधर रियाना ने अपनी नाइटी व पैंटी उतार दी, फिर चूत में उंगली करने लगी। शालिनी उसके बूब्स को दबाकर सहलाने लगी, धीमे-धीमे गर्म करते हुए।
गर्म सांसों के बीच उठती पच-पच… मुच-मुच… ऊँऊऊऊ अम्मम की ध्वनि सुनकर रियाना के शरीर में ताप फैल गया।
उसके होठ धीमे-धीमे आगे बढ़ रहे थे, ऐसा लग रहा था जैसे कुछ सीख रही हो।
आवाज़ें उसके मुंह से निकल रही थीं, हम दोनों के शरीर तपने लगे।
गूं गूं की आवाज़ उसके होंठों से निकल रही थी। कभी पच-पच भी सुनाई देता। फिर एकदम अक्… का शब्द। मुंह से ऐसे ध्वनि निकल रही थी, मानो कुछ बोलने की कोशिश हो।
फिर अचानक मैंने जोश से एक तेज़ धक्का दिया, और वहीं पलक भर में लंड गले में समा गया।
अचानक से वह कहीं और चली गई।
ठीक है, रुको। अब तो बस मेरे मुँह में वीर्य छोड़ दो।!
रियाना ने कहा – सुन भई, मैं मेहनत करूँ, मुझे चोटें लगें, पर आमदनी तेरे हाथ में जाए?
शालिनी ने कहा, घबराओ मत। पच्चीस दिन से वीर्य एकत्र है अंदर। इतना छलकेगा कि तुम दोनों को सफ़ेद झाग लग जाएगा।
थोड़ी देर बाद रियाना की चूत शालिनी की तुलना में अधिक ढीली पड़ गई थी।
हो सकता है, सालों के सफर ने ऐसा किया हो।
उसके बाद मैं बिस्तर पर लेट गया, रियाना को डॉगी स्टाइल में घुमाया। फिर मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत में धीरे से डाल दिया।
थोड़ी परेशानी महसूस हुई, इसलिए नारियल तेल का इस्तेमाल किया।
एक झटके के साथ पांच इंच का लंबा हिस्सा भीतर चला गया।
लंड भरते ही रियाना बोल पड़ी - शालिनी, इतने मोटे लंड को तुमने सहा कैसे? ऐसा जैसे चूत खिंचकर टूट जाए।
शालिनी ने कहा - अभी तक पूरा लंड कहाँ है, सिर्फ आधा घुसा है। जब तक पूरा अंदर नहीं जाएगा, तब तक ये नहीं पता चलेगा कि चूत कैसे फैलती है।
एक बार पांच इंच आगे बढ़ने के बाद मेरी चुत फंस गई।
उसके भीतर घुसने में दिक्कत हो रही थी, रियाना कोई पाँच इंच से ज्यादा का अनुभव नहीं कर चुकी थी।
मैंने उस लंबाई के लंड को आगे-पीछे सरकाना शुरू कर दिया।
थोड़ा सा हिलते ही रियाना के मुँह से चीख निकल पड़ती।
उस पल रियाना के भीतर जोश उबलने लगा था।
मुंह से आवाजें आ रही थीं - वाह, मेरे घोड़े, तेरे लौड़े तो बहुत तगड़े हैं… धक्का लगा, लंड पूरा अंदर ठूस, तब इस बेचैन चूत को शांति मिलेगी।
सुनते ही मेरे शरीर में एक तेज धमाका सा हुआ, और सात इंच का लंड पूरा भीतर चला गया।
रियाना कमर टेढ़ी कर पड़ी थी, कुत्ते की तरह हिलते हुए। एक झटका आया, शरीर संभल न सका, चेहरे से फर्श पर जा गिरी।
अचानक से चीख पड़ी – हाय राम, मैं तो खत्म… उसने कहा, जल्दी से इसे बाहर ले जाओ… फिर एक लंबी सांस छोड़ी।
फिर भी मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला, बल्कि उसके ऊपर ही झुका रहा तथा धीमे से चोदता गया।
शालिनी ने कहा - हां, छोड़ो मत उसे, तुरंत बदला ले लो।
मैं आगे बढ़ता रहा, रियाना के साथ जुड़े रहने पर ध्यान केंद्रित करके।
थोड़ी देर बाद तकलीफ कम पड़ने लगी।
इस वक्त कोई और हलचल ज़रूरी थी।
तैयारी पूरी हो चुकी थी, पावर स्ट्रोक के लिए।
एक तरफ से उसका पैर हट गया, दूसरी ओर भी वैसे ही हुआ।
रंजना के हाथ में एक पैर आया, दूसरा शालिनी को मिल गया।
उसने कहा - इस औरत को तो भैंस की तरह पटक दो, ज़िद्दीपन की हर निशानी मिटा दो।
तैयार था मैं, पावर प्ले में उतरने को।
लंड के सिर को चूत के होंठों पर टिकाकर मैंने धीरे से अंदर धकेल दिया।
हर सेकंड में एक नया झटका मचलने लगा।
जब पैर सीधा हुआ तो लंड जड़ तक अंदर चला गया।
ऐसा महसूस हो रहा था कि बस एक सिक्के की मोटाईभर आगे निकल गया हूँ।
चढ़ाई के दौरान लड़की नीचे लेटी हुई थी।
उसके स्तन मेरी हथेलियों में आए, धीमे-धीमे दबाव बढ़ने लगा।
रियाना के होंठ खुले थे, सांसें तेज। उसकी आँखें बंद थीं, शरीर लय में।
उसके मुंह से निकला - इतनी ख़ुशी पहली बार है। शादी के बाद के पहले पल में भी कुछ ऐसा ही एहसास हुआ था।
रियाना के साथ जबरदस्ती हो रही थी, दोस्तों।
उसके स्तन मेरी हथेलियों के बीच दब रहे थे।
उसके बोलने का तरीका मेरे भीतर जोश भर रहा था - आह्ह आह्ह… ऐसे धमाके से, जैसे शालिनी को कोई घेर रहा हो… गहराई तक जाओ… और फिर और गहरे में झोंकते जाओ आह्ह। बस मोहन, इतना कर दो… छेड़ दो… टुकड़े-टुकड़े कर दो आह्ह।
थोड़ी देर बाद वो आवाजें सुनकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए।
तभी रियाना ढह गई, शरीर लुढ़कने लगा। उसकी चूत से तरल की धार फूट पड़ी।
तकिया नम हो गया, क्योंकि रियाना की चूत से बहुत पानी आ रहा था।
जब मुझे लगा कि मेरा भी उतार आने वाला है, तो मैंने गति पकड़ ली।
रियाना की आवाज़ में एक झलक सी आई, वो बोली - बस…अब थम जाओ। थमने को कहा, हाँ, बस प्लीज। नहीं, ऐसा मत करो। धीमे हो जाओ, हाँ, धीरे से प्लीज।
मगर ख़ुशी का पल और भी गहरा होता जा रहा था, सामान हाथ से फिसलने के कगार पर था।
फिर मैंने कह दिया, रंजना, तुम्हारा मुँह अब खोल दो।!
पीछे से कदम की आहट सुनाई दी, फिर वो चुपचाप बैठ गई।
अचानक मैंने रियाना की चूत से अपना लंड बाहर खींचा, फिर उसे रंजना के मुँह में पकड़ा दिया।
जब मैंने रंजना के मुँह पर होंठ फेरे, तभी रियाना बोल पड़ी - थोड़ा सा मलाई मेरे लिए भी छोड़ देना।
मुझे थोड़ी ही देर में अपना सब कुछ खोना पड़ा, जब वह मेरे मुँह में उतर गई।
मैंने दो पिचकारियाँ तो रंजना के मुँह में भर दीं, फिर बची हुई रियाना के गले में उतार दीं।
अंदर तक धँसा दिया, इसलिए मुंह में वीर्य का स्वाद आया ही नहीं।
गले के नीचे सीधे पहुँच गया था।
तीनों भाभियों को अब मेरे लंड पर फ़िदा हो जाने की आदत सी हो गई थी।
उसके बावजूद, रंजना को तीनों में अधिकतम सुख का अनुभव नहीं हुआ।
मैंने शालिनी के साथ-साथ रियाना को भी जन्नत में घुमा दिया।!
तैयारी शुरू कर दी मैंने, अब जाने का समय था।
फिर रंजना ने पूछा - कब मुझे जन्नत के दर्शन कराओगे?
कल मैं आऊँगा, तब सब हो जाएगा।
थोड़ी देर बाद, सभी तैयार हो चुके थे, फिर वो धीरे-धीरे अपने घर की ओर चल पड़े।
पाँच बजे शाम के समय हो गए थे, मैंने पूरे दिन अपना समय चुदाई में डाल दिया।
काम पर पहुँचा, फिर उसे बीस सौ का नोट थमाया।
उस आदमी ने कहा - पूरे दिन में सिर्फ इतने पैसे?
उस दिन मैंने कहा था - धूप से महज़ बेचैन हो गया था।
बस इतना हुआ कि मैनेजर ने कह दिया - कोई बात नहीं।
इस तरह, तीनों भाभियाँ मुझसे खुश हो गईं।
फिर भी उस भाभी के होठों तक लौड़ा का स्वाद नहीं पहुँच सका।
अभी तक रंजना भाभी के साथ वो हरकत पूरी नहीं हुई थी।
अगली बार मैं तुम्हें उसके बारे में बताऊँगा, जब रंजना के साथ मेरा हर पल खींचा-तान वाला रहा।
इस भाभी चुदाई की लाइव कहानी पर तुम्हारा क्या ख़्याल है, पता करना ज़रूरी है मेरे लिए।
रुकूंगा तुम्हारे जवाब के लिए।
अपने विचार कमेंट में डाल दो।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0